Update 11

फिर रात को कल्लू आता है और सीधा नंगा होके माँ से लिपट जाता है

और माँ के गोरी पीठ पे प्यार करने लगता है चूमने लगता है ह्म्म्मम्म आअह्ह्ह्हह और माँ के कपडे भी निकलने लगता है हम्म्म्म आअह्ह्ह

माँ- आआह्ह्ह्हह कल्लू तुम्हारा लण्ड तो पहले से ही टाइट है क्या बात है ह्म्मम्म्म्म

कल्लू- आआअह्ह्ह मालकिन दिन भर बस आप के बारे में सोचता हु ...और बस यही लगता है की कब काम ख़तम करके आपके सेक्सी हुस्न से चिपक जाऊ हम्म्म्म आआह्ह्ह हहहह वैसे रामु कहा है दिखाई नहीं पड़ रहा है हम्म्म

माँ - वो सो रहा है ह्म्म्मम्म आअह्ह्ह्ह

कल्लू- ओह्ह अच्छा अच्छा फिर आज की रात हम दोनों अकेले रोमांस करेंगे हम्म अह्ह्ह्ह

माँ- आआह्ह्ह्ह लगता तो यही है ह्म्म्मम्म आआअह्ह्ह

कल्लू- आआअह्ह्ह्हह मालकिन फिर तो मज़ा आएगा ह्म्म्मम्म आअह्ह्ह

माँ- आअह्ह्ह्ह ह्म्मम्म्म्म

कल्लू माँ के चूतर को पकड़ के चूमने लगा और फिर माँ के गांड के छेद को अपने जीभ से चाटने लगा आअह्ह्ह

माँ- आअह्हह्ह्ह्ह तुम लोग मेरे गांड की पीछे पड़े हो ऐसा क्या है इसमें ह्म्म्मम्म्म्म

कल्लू- आआह्ह्ह मालकिन जन्नत है ह्म्म्मम्म आपकी गांड में जन्नत है एक बार मेरे लण्ड को घुसा के तो देखिये इतना मज़ा दूंगा की आप बार बार गांड में लण्ड घुसवाएंगी हम्म्म्म आआह्ह्ह्ह

माँ- अच्छा ठीक है सोचूंगी हम्म्म आअह्ह्ह्हह उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ मुझे गुदगुदी हो रही है हम्म आराम से चाटो कही भागी थोड़ी जा रही हु हम्म्म्म आअह्ह्ह्हह

कल्लू- आआअह्ह्ह्ह मालकिन इतनी टेस्टी चीज़ मिल जाये तो आराम से कैसे चाटू हम्म्म्म आअह्ह्ह्हह आप बस मज़े लीजिये हम्म्म्म आआअह्ह्ह्ह

कुछ देर गांड चाटने के बाद

कल्लू- आअह्ह्ह मालकिन आपके गांड के लिए कुछ खास चीज़ लाया हु हम्म्म्म

माँ- हस्ते हुए .....हां हां हां क्या लाये हो ह्म्म्मम्म

कल्लू ने एक रबर का डिलडो नकली लण्ड निकला और माँ को दिखाया ह्म्मम्म्म्म

माँ- आअह्ह्ह्हह ये क्या है हम्म्म्म

कल्लू- आआह्ह्ह मालकिन इसे पहले आपके गांड में डालूंगा ह्म्मम्म्म्म

माँ- अरे नहीं नहीं दर्द होगा ह्म्म्मम्म्म्म

कल्लू- आप फिक्र क्यों करती है मै हु न जब दर्द आपको होगा उससे ज्यादा मुझे होगा .....आप को मज़ा आएगा मेरी बात मानिये मालकिन हम्मम्मम्मम्म आआह्ह्ह्ह

माँ- अच्छा ठीक है बाबा लेकिन धीरे से ह्म्म्मम्म

कल्लू- एकदम धीरे से करूँगा मालकिन आप को मज़ा नहीं आया तो इसे फेक दूंगा ह्म्म्मम्म आह्हः

अब वो डिलडो माँ की गांड में डालने लगा और माँ के मुँह से आअह्ह्ह की आवाज़े निकलने लगी ह्म्म्मम्म अह्ह्ह्हह्हह और साथ ही कल्लू माँ के चूत पे अपने मुँह को लगा दिया और गरम गरम चूत को गरम गरम जीभ से चाटने लगा और और माँ के चूत का नमकीन रस पीने लगा अह्ह्ह्हह ाआअह

माँ- आह्ह्ह्हह्ह आह्हः कल्लू हम्म्म्म हम्म्म्म आआह्ह्ह्हह्ह

कल्लू- स्स्स्सह्ह्ह्हह्ह सस्शह्ह्हह्ह मज़ा आरहा है न मालकिन हम्म्म्म

माँ- आअह्हह्ह्ह्हह कल्लू बहोत मज़ा आरहा है हम्म्म्म आअह्हह्ह्ह्हह

कल्लू- देखा मैंने कहा था न की मज़ा आएगा ह्म्म्मम्म आआआह्ह्ह्ह मालकिन आप को आज पूरी रात मज़ा दूंगा हम्म्म्म अह्ह्ह्हह आआअह्ह्ह

थोड़ी देर बाद माँ के चूत से पानी निकलने लगा और फिर कल्लू माँ के गांड से डिलडो निकलने लगा हम्म्म

माँ- आह्ह्ह्हह्ह तुम्हारा ये डिलडो तो मेरी चूत का पानी निकल दिया ह्म्म्मम्म अह्ह्ह्हह

थोड़ी देर बाद ........

कल्लू- आआअह्हह्ह्ह्ह मालकिन अब अगर इज़ाज़त हो तो गरमा गरम कला लण्ड आपके गरम चूत में प्रवेश कराऊँ ह्म्म्मम्म अह्ह्ह्ह

माँ- अह्ह्ह्हह हां हां हां हस्ते हुए .......हां लेकिन चूत में ही डालना हम्म्म्म अपना गरम लोहा हम्म्म्म आह्ह्ह्हह

कल्लू- अरे हां हां मालकिन बिना आपके इज़ाज़त के थोड़ी गांड में डालूंगा हम्म अह्ह्ह्हह ये लीजिये सम्भालिये अपने कल्लू का कला लण्ड हम्म्म आह्हः

और माँ के पीछे से आके माँ के चूत में अपना कला बड़ा लण्ड माँ की चूत में डालने लगा ह्म्मम्म्म्म आआह्ह्ह्हह्ह

और माँ की सेक्सी चूचियां जो पपीते की तरह लटक रही थी कल्लू उन्हें अपने हाथो से दबा दबा के माँ की चुदाई कर रहा था और माँ कल्लू के लण्ड का भपूर आनंद ले रही थी ह्म्मम्म्म्म आअह्हह्ह्ह्ह हम्मम्मम्मम्म

कल्लू- आआह्ह्ह्हह मालकिन आप कितनी गोरी चिकनी हैं हम्म आआअह्ह्ह्ह आपकी चूचियां का जवाब नहीं इन्हे दबाते हुए चुदाई का मज़ा दुगना हो जाता है ह्म्म्मम्म्म्म आआह्ह्ह्ह

माँ- आआअह्हह्ह्ह्ह कल्लू चोदो आआअह्ह्ह्हह और तेज़ हम्म्म आअह्ह्ह तुम्हारा ये गरम लण्ड मुझे दीवाना बना दिया है अपना ह्म्म्मम्म आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आअह्हह्ह्ह्ह

कल्लू- आह्ह्ह्हह्ह मालकिन लण्ड लगता है कुछ सुख रहा है इन्हे गीला कर दीजिये प्लीज ह्म्म्मम्म्म्म

कल्लू का मन था की माँ उसका लण्ड चूसे और ह्म्म्मम्म

माँ- आआअह्हह्ह्ह्ह लाओ मै गीला कर देती हु ह्म्म्मम्म आआह्ह्ह्हह

और माँ कल्लू के लण्ड को मुँह से चूसने लगी और गीला करने लगी हम्म्म्म आआह्ह्ह्हह

थोड़ी देर बाद .....

माँ- आआअह्हह्ह्ह्हह कल्लू अब डालो देखो गीला हो गया है ह्म्मम्म्म्म

कल्लू- जी मालकिन अब तो सरसराते हुए अंदर जायेगा ह्म्म्मम्म हां हां हां

इस बात में माँ भी हसने लगी और कल्लू फिर से माँ की चूत में लण्ड डालने लगा और सही में एक बार में ही चला गया आअह्ह्ह्हह आआह्ह्ह ाआआंणन्हह्ह्ह्ह ह्म्म्मम्म्म्म आआअह्ह्ह

कुछ देर बाद......

कल्लू- आआह्ह्ह्हह मालकिन अब आप सीधा लेटिए घोड़ी बन के थक गई होंगी हम्म्म्म आअह्ह्ह अब मै आपके सेक्सी बदन को चिकने बदन गोरा हुस्न को देखते हुए आपने चूत में लण्ड दाल के चुदाई करूँगा हम्मम्मम्मम्म आअह्ह्ह

माँ- अह्ह्ह्हह अच्छा बाबा ये लो लेट गई देखो मेरा हुस्न हां हां हां और मुस्कुराने लगी कल्लू को देख के ......

कल्लू के सामने माँ की गीली चमकती चूत थी तो भला बिना चूसे रहा कैसे जाये सीधा अपने मुँह को लगाया और चूसने लगा और माँ आह्ह्ह्हह आअह्हह्ह्ह्ह करने लगी ह्म्मम्म्म्म

माँ- हस्ते हुए ....हां हां हां चलो तुम्हारा मुँह गांड की जगह चूत पे तो आया ह्म्मम्म्म्म

कल्लू- आअह्ह्ह मालकिन मै तो आपके चूत का दीवाना तो पहले से हु गांड का तो आपके इज़ाज़त से हुआ हु दीवाना ह्म्म्मम्म अह्हह्ह्ह्ह

और माँ कल्लू का सर सहलाते हुए अपने चूत को पिलाने लगी ह्म्मम्म्म्म आअह्हह्ह्ह्ह

फिर थोड़ी देर बाद......

कल्लू- आअह्ह्ह मालकिन देखिये बिना हाथ लगाए आपने चूत में अपने लण्ड को डालूंगा हम्म्म आअह्ह्ह्हह

माँ- आआह्ह्ह्हह कल्लू तुम्हारा लण्ड है ही इतना हार्ड की हाथ लगाने की ज़रूरत ही नहीं चूत में डालने के लिए हम्म्म्म आह्हः डालो हम्म्म्म आआआअह्ह्ह्ह

और सही में कल्लू ने माँ की चूत में बिना हाथ लगाए अपना लण्ड डाल दिया ह्म्म्मम्म आह्ह्ह्हह्ह

कल्लू के सामने माँ नंगी उसके लण्ड से चुद रही थी कल्लू माँ के गोर बदन को देख के लगातार चोद रहा था हम्म्म्म अह्ह्ह्ह

अब कल्लू के सामने माँ के दोनों नंगी चूचिया लहरा रही थी तो कल्लू भला कैसे रुक सकता था उसने अपने दोनों हाथ से माँ के दोनों चूड़ियां पकड़ ली और दबाने लगा आआअह्हह्ह्ह्ह और साथ ही अपने काले लण्ड की पूरी ताक़त माँ के चूत चोदने में लगा दी आअह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह

कुछ देर चुदाई के बाद .........

कल्लू- आआअह्हह्ह्ह्हह मालकिन अब बर्दाश नहीं हो रहा अब तो मेरे लण्ड पे रहम खाइये ह्म्म्मम्म अह्ह्ह्ह

माँ समझ रही थी की कल्लू माँ के गांड में लण्ड डालने को कह रहा है ह्म्मम्म्म्म आआह्ह्ह

माँ- आअह्ह्ह्ह कल्लू क्या हुआ मै कुछ समझी नहीं हम्म्म्म आह्ह्ह्हह्ह हां हां हां

कल्लू- आह्हः मालकिन अब तो मेरे लण्ड को अपने गांड में डालने की इज़ाज़त दीजिये कसम से बहुत मज़ा आएगा हम अह्ह्ह मालकिन प्लीज हम्म्म्म आअह्ह्ह

कल्लू के बार बार कहने पे माँ मान गई और ह्म्मम्म्म्म

माँ- आअह्ह्ह अच्छा अच्छा बाबा ठीक है लेकिन मै ही तुम्हारे लण्ड को अपने गांड में घुसाउंगी तुम बैठो अह्ह्ह्ह

कल्लू अब सोफे पे बैठ गया और .........

माँ कल्लू के लण्ड को अपने गांड में घुसाने लगी और जब पूरा घुस गया तो कल्लू माँ के चिकनी गोरी कमर को पकड़ा और माँ के गांड को चोदने लगा आआअह्ह्ह्हह आआह्ह्ह्ह

माँ- आआअह्ह्ह्हह कल्लू आखिर तुमने भी अपना लण्ड मेरे गांड में डाल ही दिया हम्म्म अह्ह्ह्ह

कल्लू- आआआह्ह्ह्ह तुम भी का मतलब मालकिन क्या रामु ने भी आपके गांड की चुदाई की हम्म्म्म आह्ह्ह्ह

माँ- हां तुम दोनों को मै कल से ही देख रही थी मेरे गांड के पीछे पड़े हो और तुम दोनों ने मेरे गांड की सील तोड़ दी ह्म्म्मम्म आअह्ह्ह्हह

कल्लू- आअह्ह्ह्हह मालकिन आप की गांड है ही इतनी हसीं हम्म्म आअह्ह्ह्ह वो तो रामु की वजह से मै आपको चोद पा रहा हु वरना मै तो आपको सिर्फ सपने में ही चोद पाताआआअह्हह्ह्ह्ह

माँ- आआह्ह्ह्हह वो सब छोड़ो क्या कैसे चोद पाते अभी सिर्फ चुदाई करो मुझे भी तो तुम्हारा कला बड़ा लण्ड पसंद आया तुम्हारे लण्ड से मै भी तो न चुद पाती और मज़ा न ले पाती अगर रामु ने तुम्हारे बारे में मुझे न बताया होता हम्म्म्म आआआह्ह्ह्ह

अब कल्लू माँ की दोनों जोश से भरी चूचियां पकड़ लिया और दबा दबा की माँ की चुदाई करने लगा आआअह्ह्ह

कल्लू- आआह्ह्ह्हह्ह मालकिन आपकी चूचियों में जादू है जिन्हे पकड़ के चुदाई का मज़ा और आने लगता है आआअह्ह्ह

माँ- आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह कल्लू पकड़ो और तेज़ चोदो आआअह्ह्ह्हह आआह्ह्ह

कल्लू- आआह्ह्ह्हह मालकिन मज़ा तो आरहा है न ह्म्म्मम्म्म्म आपको ह्म्म्मम्म कोई दिक्कत तो नहीं हामममम आआह्ह्ह्हह

माँ- बहोत मज़ा आरहा है ह्म्म्मम्म चोदते रहो सिर्फ आअह्ह्ह आआअह्ह्ह्हह ाआअह

कल्लू- आआअह्हह्ह्ह्ह देखा मालकिन आपने गांड मरवाने में में कितना मज़ा आता है ह्म्म्मम्म्म्म जब हम रामु की गांड मारते है और रामु मेरी गांड मरता है तो ऐसे ही मज़ा आता है हम्म्म्म आअहाआआ आआआह्ह्ह्हह्ह अब हम तीनो एक दूसरे की गांड पाएंगे ह्म्म्मम्म आह्ह्ह्हह मज़ा आएगा मालकिन ह्म्मम्म्म्म

माँ- आआह्ह्ह्हह्ह मै कैसे मारूंगी तुम लोगो की गांड ह्म्म्मम्म अह्ह्ह्हह

कल्लू- वो रबर वाला लण्ड है न ह्म्म्मम्म आआअह्ह्ह्हह

माँ- हां हां हां माँ हसने लगी हां हां हां ........हां वो तो है ह्म्मम्म्म्म

कल्लू- उसी से आप हम दोनों की गांड मारिएगा ह्म्म्मम्म आअह्ह्ह्ह

माँ- हां हां ठीक है ह्म्म्मम्म आआह्ह्ह आआह्ह्ह्ह

कुछ देर बाद.........

कल्लू- आअह्हह्ह्ह्ह मालकिन अब आप घोड़ी बन जाइये मै आपकी गांड पीछे से मरूंगा हम्म्म्म आअह्ह्ह्ह और बिना हाथ लगाए आपके गांड में अपना लण्ड डाल के दिखाऊंगा ह्म्म्मम्म्म्म

माँ- हसने लगी हम्म्म्म हां हां हां हां हां कल्लू गांड का छेद छोटा होता है ह्म्म्मम्म उसमे नहीं जायेगा बिना हाथ लगाए ह्म्मम्म्म्म

कल्लू- अरे आप देखिये बस ह्म्म्मम्म्म्म

अब माँ घोड़ी बन गई और कल्लू माँ के गांड को चाटने लगा और खूब गीला करने लगा आआअह्ह्ह्हह

और अब कल्लू अपना लण्ड माँ के गांड के छेद पे लगाया और डालने लगा और सही में उसका लण्ड बिना हाथ लगाए सर सराते हुए माँ के गांड में घुसने लगा और पूरा चला गया ह्म्म्मम्म

कल्लू- देखा मालकिन मैंने कहा था न ह्म्मम्म्म्म आआआआह्ह्ह्ह की चला जायेगा हम्म्म

माँ- ह्म्मम्म्म्म कुछ तो जादू है तुम्हारे लण्ड में जिसकी मै दीवानी हो गई हु हम्म्म्म आअह्ह्ह्ह अब चला ही गया है तो चोदो हम्म अह्ह्ह्ह

अब कल्लू माँ की कमर को पकड़ के चुदाई करने लगा और माँ कल्लू के लण्ड का भरपूर आनंद लेने लगी

माँ- आआआहहहहहहह आह्ह्ह्हह आह्ह्ह्ह कल्लू चोदो ह्म्म्मम्म आअह्ह्ह्हह

कल्लू- अह्ह्ह्ह मालकिन आपकी चिकनी कमर आपकी चिकनी पीठ आपका पूरा बदन नंगा मेरे सामने है फिर भी मुँह से लार टपकती है ह्म्म्मम्म आअह्ह्ह्हह मन करता बस आपके नंगे बदन से चिपका रहूं और बस आपको चोदता रहूं ह्म्म्मम्म आअह्ह्ह

माँ- आअह्ह्ह्हह आआअह्हह्ह्ह्ह चोदो कल्लू अपने तगड़े लण्ड से मुझे चोदो आआह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह

कल्लू- आआह्ह्हह्ह्ह्ह मालकिन थोड़ा उठिये मै आपकी चूचियां पकड़ लू आह्ह्ह्हह

माँ थोड़ा सा कल्लू की तरफ उठी और कल्लू ने माँ के दोनों चूचियां पकड़ ली और दबा दबा के माँ की गांड मारने लगा अह्ह्ह

माँ- आअह्ह्ह हां हां हां हस्ते हुए ह्म्म्मम्म .........कल्लू तुम अपने बीवी की भी ऐसे ही चूचियां पकड़ पकड़ के चोदते हो हम्म्म्म आह्ह्ह्हह

कल्लू - अरे नहीं मालकिन आपके हुस्न के आगे वो कहा ज़ीरो है हम्म्म्म कहा आप और कहा वो हम्म्म आआअह्ह उसको तो बस ऐसे ही चोद देता हु जब गांव जाता हु तब ह्म्मम्म्म्म आआह्ह्ह्हह

कुछ देर बाद .........

कल्लू- आआआहहहहहहह मालकिन अब आप करवट लेट जाइये मै आपको पीछे से चोदता हु हम्म्म्म अह्ह्ह्हह

माँ- आज लगता है हर तरह का पोज़ बना बना के चोदोगे ह्म्म्मम्म्म्म आह्ह्ह्हह्ह मुझे ह्म्मम्म्म्म

कल्लू- आअह्ह्ह्हह हम्म मालकिन आप ही तो मेरी ज़िन्दगी की सबसे इम्पोर्टेन्ट चीज़ हो आप को हर तरीके का मज़ा देना मेरा फ़र्ज़ है हम्म्म आह्ह्ह्हह

और माँ करवट लेट गई और कल्लू के लण्ड को अपने हाथ से पकड़ के अपने गांड में डालने लगी और जब पूरा लण्ड घुस गया तो कल्लू ने चुदाई चालू कर दी हम्म्म आआआआअह्हह्ह्ह्ह आआआहहहहह आआह्ह्ह्हह

कल्लू- आआह्ह्ह्हह्ह मालकिन आपको कोई दिक्कत तो नहीं हो रही न गांड मरवाने में हम्म्म आआआहहहहह

माँ- आअह्हह्ह्ह्ह आह्हः नहीं कल्लू कोई दिक्कत नहीं तुम चोदते रहो मज़ा आरहा है मुझे हम्म्म्म अह्ह्ह्हह आआह्ह आज तुमने और रामु ने मेरी गांड मारी तब मुझे पाता चला की गांड मरवाने में भी बहोत मज़ा आता है ह्म्म्मम्म अह्ह्ह्ह आआअह्ह्ह्ह

और अब कल्लू का हाथ माँ के चूत पे चला गया और सहलाते सहलाते अपनी दो ऊँगली माँ के चूत में भी डाल दिया और माँ को चोदने लगा आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह माँ के मुँह से चीख निकल गई आआअह्ह्ह्ह आआअह्ह्ह्ह

माँ- आआह्ह्ह्हह्हआआआआ कल्लू ये क्या मेरी गांड में लण्ड और चूत में ऊँगली आआह्ह्ह्हह आआह्ह्ह्हह्ह

कल्लू- आह्ह्ह्हह क्यों मालकिन आप को मज़ा नहीं आया ह्म्म्मम्म अह्ह्ह्हह्हह

माँ- तुम करो और मज़ा न आये ऐसा हो सकता है क्या हम्म्म आह्ह्ह्हह तुम मेरी चूत की चुदाई उंगली से और गांड की चुदाई तगड़े लण्ड से कर रहे हो आह्ह्ह्हह तुमने मेरा मज़ा दुगना कर दिया हम्म्म्म आअह्ह्ह्हह चोदो कल्लू आज तुम मुझे एक अलग तरीके का मज़ा दे रहे हो हम्म्म्म अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह

कुछ देर बाद.......

कल्लू- आआअह्हह्ह्ह्ह मालकिन अब आइये आप मेरे लण्ड पे बैठिये हम दोनों बैठ के चिपक के चुदाई करते हैं हम्म्म्म आअह्ह्ह्ह

माँ- आआअह्हह्ह्ह्ह कल्लू तुम्हारी यही सब स्टाइल मुझे पसंद आती है जो तुम अलग अलग तरीके से मुझे मज़ा देते हो हम्म्म्म आह्ह्ह्ह

अब कल्लू ने माँ के तरफ हाथ बढ़ाया माँ उठी और कल्लू के ऊपर बैठने लगी कल्लू की तरफ मुँह करके अब दोनों आमने सामने थे माँ की सेक्सी चूचियां भी कल्लू के सामने लहरा रही थी उनके खड़े खड़े निप्पल कल्लू के सीने से चिपक रहे थे ह्म्मम्म्म्म अह्ह्ह्हह्हह आअह्हह्ह्ह्हह

अब माँ ने कल्लू के काले लण्ड को पकड़ा और अपने गांड में डालने लगी और और कल्लू अपने फौलादी लण्ड से माँ की चुदाई करने लगा आआआअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्हह आह्ह्ह्हह्ह

कल्लू- आआअह्ह्ह मालकिन साहब ने कभी आपकी गांड में लण्ड नहीं घुसाया ह्म्मम्म्म्म

माँ- माँ हसने लगी ......हां हां हां हां .....तुम्हारे साहब के पास चूत में लण्ड घुसाने का टाइम नहीं है गांड में क्या घुसाएँगे हम्म्म आअह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह

कल्लू- आअह्हह्ह्ह्ह मालकिन जब लास्ट टाइम साहब आये थे तब तो चुदाई किये ही होंगे जबरदस्त वाली ह्म्म्मम्म्म्म आह्ह्ह्ह

माँ- आआआहहहहह आआह्ह्ह्ह क्या जबरदस्त वाली बस लण्ड डाले और फिर झरर गए और क्या ......बस नाम की शादी की है काम से फुर्सत ही नहीं ........

कल्लू- अच्छा हुआ साहब ने शादी की आप जैसे हुस्न की मल्लिका से वरना हम दोनों का मिलन कहा हो पता हम्मम्मम्मम्म

माँ - ह्म्मम्म्म्म आअह्ह्ह्हह वो तो है आह्ह्ह्ह आआह्ह आआह्ह

अब कल्लू माँ के दोनों सेक्सी गोर गोर चुतर हाथ से पकड़ के दबा दबा के पूरे जोश से चोदने लगा आअह्ह्ह्ह

और कुछ देर बाद.........

कल्लू- आआह्ह्हह्ह्ह्ह मालकिन अब मै झरने वाला हु बताइये कहा निकालू अपने लण्ड का मॉल ह्म्मम्म्म्म आआह्ह्ह्ह

माँ- आह्ह्ह्हह्ह मेरे फेस पे गिराओ अपना मॉल कल्लू हम्म्म्म आअह्ह्ह्हह

और माँ तुरंत उठ के कल्लू के लण्ड के पास बैठ गई और कल्लू माँ के फेस पे झरने लगा .......

और माँ कल्लू के लण्ड को चाटने लगी चूसने लगी आआह्ह्ह्हह आआह्ह्ह आअह्ह्ह ह्ह्ह्हह्ह्मममम और फिर रात काफी हो गई थी दोनों सो गए अह्हह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्हह​
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