Update 01
ये स्टोरी काल्पनिक है इसका वास्तविक जीवन से कोई लेना देना नहीं है सिर्फ आनंद के लिए लिख रहा हु धन्यवाद
मै करीब २१ साल का था तब मै अपने रूम में अकेले सोता था मेरी नीड रात के करीब १ बजे खुली और मै अपने रूम से बाहर निकला तो माँ पापा के रूम से कुछ अजीब सी आवाजें आ रही थी तभी मै माँ के रूम की तरफ बढ़ा और माँ के रूम का डोर थोड़ा खुला था मैंने रूम देखा तो मेरी आखे फटी की फटी रह गई .................
1
माँ शाहिद अंकल के साथ 1
माँ शाहिद अंकल के साथ 2
माँ शाहिद अंकल के साथ 3
माँ शाहिद अंकल के साथ 4
माँ शाहिद अंकल के साथ 5
माँ शाहिद अंकल के साथ 6
माँ शाहिद अंकल के साथ 7
माँ शाहिद अंकल के साथ 8
2nd story
MOM WITH UNCLE IN LOCKDOWN
3RD STORY
MOM WITH PADOS KE UNCLE
4TH STORY
5TH STORY
MOM NEW UNCLE KE SATH
6TH STORY
MOM CHAKKI WALE UNCLE KE SATH
7TH STORY
MOM BAGAL KE UNCLE KE SATH
8TH STORY
MOM PAPA KE DOST KE SATH
1ST STORY PART 2
MOM WITH NAUKAR
माँ अपने चूत में उंगली कर रही रही थी और अपने आखों को बंद करके अपने चूचियों को दबा रही थी
जैसे काफी दिन की प्यासी हो तभी
और हैरानी की बात ये है की बेड के नीचे छुप के मेरे घर का नौकर अपने लण्ड को हिला रहा था इस बात का माँ को अंदाज़ा भी नहीं था शायद उस नौकर ने मुझे देख लिया था जब मै छुप के ये सब देख रहा था और वो बहोत घबराया हुआ था मैंने उस वक़्त बिना कुछ बोले खड़ा था और माँ के चूत में उंगली करने का मज़्ज़ा ले रहा था और मैंने नौकर की तरफ देखा तो वो पसीने से लतपत था फिर माँ झरने लगी और बेड पे लेट के सो गयी और मै भी चुपचाप अपने रूम में आके मुठ मारके सो गया और जब सुबह उठा तो
मैंने चारो तरफ देखा तो कही नौकर दिखाई नहीं दिया और फिर मैंने माँ से पुछा तो उन्होंने कहा की उसके माँ की तबियत ख़राब है तो कुछ दिनों की छुट्टी लेके अपने गांव गया है तभी मै समझ गया की मुझे डरके वो चला गया खैर मैंने भी रोज़ की तरह नास्ता करके अपने कॉलेज चला गया लेकिन मेरे दिमाग में वो रात वाली सीन घूम रही थी और फिर शाम को घर आगया ।।
अरे मै आप लोग को फॅमिली से परिचय करना तो भूल ही गया मेरे फॅमिली में मेरे पापा माँ और मै और मेरी बेहेन रहते है
पापा :- अर्जित
माँ:- अंजलि
मेँ :- राहुल
सिस्टर:- रिया
नौकर :- राजू
पापा मेरे ऑफिस के काम से बाहर ज्यादा रहते है तभी माँ के चूत की प्यास बढ़ जाती है बेहेन की भी शादी हो गयी है वो भी ज्यादा मइके ही रहती है उसका ऑफिस घर के पास में ही है जीजा आते जाते रहते है ये ो हो गई फॅमिली की बात अब हम लोग स्टोरी की तरफ आते है
उस दिन से मैं रोज़ माँ के खिड़की के होल से माँ को देखने लगा माँ रोज़ रात को अपने चूत में उंगली करके सो जाती है और मेरे नौकर की नज़र मेरे माँ पे थी तभी वो माँ के बेड के नीचे चुप के से माँ को फिंगरिंग करते देखता था अब मेरे दिमाग में माँ की चूत २४ घंटे दिखती थी और मैं भी मुठ मार के सो जाता था
एक दिन मैं दिन में ही अपने कमरे में मुठ मर रहा था तभी मेरे कमरे के बाहर से कुछ गिरने की आवाज़ आई मैं डर गया और जल्दी से अपने लण्ड को छुपाया और बाहर देखा तो माँ अपने कमरे की तरफ भाग रही थी मैं समझ गया की माँ ने मुझे देख लिया है मुठ मरते हुए मैं भी थोड़ा घबराया हुआ था
मै करीब २१ साल का था तब मै अपने रूम में अकेले सोता था मेरी नीड रात के करीब १ बजे खुली और मै अपने रूम से बाहर निकला तो माँ पापा के रूम से कुछ अजीब सी आवाजें आ रही थी तभी मै माँ के रूम की तरफ बढ़ा और माँ के रूम का डोर थोड़ा खुला था मैंने रूम देखा तो मेरी आखे फटी की फटी रह गई .................
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माँ शाहिद अंकल के साथ 1
माँ शाहिद अंकल के साथ 2
माँ शाहिद अंकल के साथ 3
माँ शाहिद अंकल के साथ 4
माँ शाहिद अंकल के साथ 5
माँ शाहिद अंकल के साथ 6
माँ शाहिद अंकल के साथ 7
माँ शाहिद अंकल के साथ 8
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MOM WITH UNCLE IN LOCKDOWN
3RD STORY
MOM WITH PADOS KE UNCLE
4TH STORY
5TH STORY
MOM NEW UNCLE KE SATH
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MOM CHAKKI WALE UNCLE KE SATH
7TH STORY
MOM BAGAL KE UNCLE KE SATH
8TH STORY
MOM PAPA KE DOST KE SATH
1ST STORY PART 2
MOM WITH NAUKAR
माँ अपने चूत में उंगली कर रही रही थी और अपने आखों को बंद करके अपने चूचियों को दबा रही थी
जैसे काफी दिन की प्यासी हो तभी
और हैरानी की बात ये है की बेड के नीचे छुप के मेरे घर का नौकर अपने लण्ड को हिला रहा था इस बात का माँ को अंदाज़ा भी नहीं था शायद उस नौकर ने मुझे देख लिया था जब मै छुप के ये सब देख रहा था और वो बहोत घबराया हुआ था मैंने उस वक़्त बिना कुछ बोले खड़ा था और माँ के चूत में उंगली करने का मज़्ज़ा ले रहा था और मैंने नौकर की तरफ देखा तो वो पसीने से लतपत था फिर माँ झरने लगी और बेड पे लेट के सो गयी और मै भी चुपचाप अपने रूम में आके मुठ मारके सो गया और जब सुबह उठा तो
मैंने चारो तरफ देखा तो कही नौकर दिखाई नहीं दिया और फिर मैंने माँ से पुछा तो उन्होंने कहा की उसके माँ की तबियत ख़राब है तो कुछ दिनों की छुट्टी लेके अपने गांव गया है तभी मै समझ गया की मुझे डरके वो चला गया खैर मैंने भी रोज़ की तरह नास्ता करके अपने कॉलेज चला गया लेकिन मेरे दिमाग में वो रात वाली सीन घूम रही थी और फिर शाम को घर आगया ।।
अरे मै आप लोग को फॅमिली से परिचय करना तो भूल ही गया मेरे फॅमिली में मेरे पापा माँ और मै और मेरी बेहेन रहते है
पापा :- अर्जित
माँ:- अंजलि
मेँ :- राहुल
सिस्टर:- रिया
नौकर :- राजू
पापा मेरे ऑफिस के काम से बाहर ज्यादा रहते है तभी माँ के चूत की प्यास बढ़ जाती है बेहेन की भी शादी हो गयी है वो भी ज्यादा मइके ही रहती है उसका ऑफिस घर के पास में ही है जीजा आते जाते रहते है ये ो हो गई फॅमिली की बात अब हम लोग स्टोरी की तरफ आते है
उस दिन से मैं रोज़ माँ के खिड़की के होल से माँ को देखने लगा माँ रोज़ रात को अपने चूत में उंगली करके सो जाती है और मेरे नौकर की नज़र मेरे माँ पे थी तभी वो माँ के बेड के नीचे चुप के से माँ को फिंगरिंग करते देखता था अब मेरे दिमाग में माँ की चूत २४ घंटे दिखती थी और मैं भी मुठ मार के सो जाता था
एक दिन मैं दिन में ही अपने कमरे में मुठ मर रहा था तभी मेरे कमरे के बाहर से कुछ गिरने की आवाज़ आई मैं डर गया और जल्दी से अपने लण्ड को छुपाया और बाहर देखा तो माँ अपने कमरे की तरफ भाग रही थी मैं समझ गया की माँ ने मुझे देख लिया है मुठ मरते हुए मैं भी थोड़ा घबराया हुआ था