Update 127
VOLUME II
विवाह
CHAPTER-1
PART 51
हस्तमैथुन के साथ-साथ चुदाई
विवाह
CHAPTER-1
PART 51
हस्तमैथुन के साथ-साथ चुदाई
जैसे ही मेरे लंड ने हेमा के कौमार्य की पतली झिल्ली को विभाजित किया और उसकी योनी में घुस गया वह चीख पड़ी। जितना उसने कभी सोचा था उसकी योनी का विस्तार उससे कहीं अधिक हो रहा था। उसकी टाँगे सीधी हो गयी और हाथ मेरी पीठ पर चले गए, लंड उसकी सील को चीरता हुआ जड़ तक पूरा 8 इंच अन्दर चला गया।
उसके मुँह से दर्द भरी परन्तु उत्तेजनापूर्ण आवाजें निकलने लगीं। फिर हेमा दर्द के मारे कराहने लगी आहहहहह! दीदी बहुत दर्द हो रहा है और हेमा दर्द से छटपटाने लगी । मैंने हेमा को धीरे-धीरे चूमना सहलाना और पुचकारना शुरू कर दिया, मैं बोला मेरी रानी डर मत कुछ नहीं होगा थोड़ा देर में सब ठीक हो जाएगा।
हेमा मेरे से बोली-"प्लीज सर बाहर निकाल लीजिए। मैं मर जाऊँगी, बड़ा दर्द हो रहा हैl" और वह ऊऊऊll आईईईll की आवाजें निकालने लगी। उउउउउइइइइइइ! ओह्ह्ह्हह! सररर! बहुत दर्द हो रहा है। सररर! प्लीज इसे बाहर निकल लो। बस एक बार बाहर निकाल लो । मुझे लग रहा है मेरी फट गयी है और ये आपका लंड अंदर और बड़ा होता जा रहा है, प्लीज सर इसे निकालो। आह! ओह्ह्ह! प्लीज बहुत दर्द हो रहा है। मैं दर्द से मर जाऊँगी, प्लीज! निकालो इसे और हेमा की से आँखों से आंसू की धरा बाह निकली । प्लीज! दीदी सर से बोलो न इसे बाहर निकाल ले । मरीना जो उसके पास में बैठी थी आगे हुई और उन आंसूओं को पी गयी और बोली मेरी बहन बस थोड़ा-सा बार बर्दाश्त कर लो आगे मजा ही मजा है।
हेमा की चूत बहुत टाइट थी उसकी योनि की मांसपेशिया फैली और मेरे लंड के आसपास कस गयी । मैंने एक बार फिर पूरी ताकत लगा कर पीठ उठा कर लैंड को थोड़ा पीछे खींचने की कोशिश की और फिर मैंने पूरी ताकत से एक और धक्का लगाया और इस बार लण्ड पूरा अंदर समां गया और मैं हेमा के ऊपर गिर गया और मेरा मुँह उसके मुँह पर था और उसे किश करते हुए कुछ देर के लिए मैं उसके ऊपर ही पड़ा रहा ।
हेमा फिर रोने लगी और चुंबन तोड़ कर कलपते हुए बोली सर आपने तो और अंदर घुसा डाला। मुझे बहुत दर्द हो है। अच्छा पूरा नहीं तो थोड़ा-सा बाहर निकाल लो और रोने और कुलबुलाने लगी तो मरीना ने मेरे नितम्बो पर हलकी-सी थाप दी और बोली मास्टर इसकी इतने बात मान लो और थोड़ा पीछे कर लो । तो मैंने थोड़ा-सा लंड पीछे खींच लिया । मेरा इतना करते ही हेमा को जैसे बहुत सारा आराम मिला और हेमा ने रोना बंद कर दिया पर अब हलके-हलके से कराह रही थी ।
मरीना इस बीच हेमा के स्तन और कंधो को सहलाने लगी और जब मरीना ने हेमा की चूत पर हाथ लगाया तो पाया वह सूज चुकी थी मरीना के सहलाने और मेरे चुंबन से कुछ देर के बाद हेमा शांत हो गयी l
जब हेमा शांत हुई तो मुझे वापिस चुंबन करने लगी और बोली आह! अब करो! , चोदो, चोदो मुझे! "वह कराह रही थी, मेरे खिलाफ अपना बदन रगड़ कुलबुला और छटपटा रही थी और उसने अपनी योनी को ऊपर उठा लिया ताकि मुझे इसे भेदने में बेहतर कोण मिल सके।" ऊह, मुझे चोदो, मुझे जोर से चोदो! अब तुम्हारा लंड मैं अपनी योनि में हर तरफ महसूस करना चाहती हूँ! "
ये सुन कर मेरे दिल में कामुक भावनाओं की एक बाढ़-सी आ गई क्योंकि उसने मुझे वही करने का आग्रह किया था जो मैं करना चाहता था। मैंने उसके ऊपर दबाव डाल लंड को थोड़ा बाहर खींचा और फिर अंदर धकेला। उसकी योनी पहले से ही मेरी लार से और साथ ही साथ तंग छोटी सुरंग के भीतर से निकलने वाले मीठे और फिसलन भरे रस से भीग गयी थी, मेरे बड़े लंड का उभरा हुए सिर थोड़ा अंदर फिसल गया। खिंचाव की अनुभूति ने उसे दर्द और आनंद के मिले जुले आश्चर्यजनक भाव से रुला दिया। मेरा लंड उसकी चूत में और फिसल गया और मार्ग की रखवाली करने वाली ऊतक-पतली झिल्ली के घाव से टकरा गया। हेमा की कौमार्य की झिली ने मरीना की तुलना में बहुत कम प्रतिरोध दिया था ।
मैंने लंड को योनि की तंग सुरंग में आगे को धक्का दिया। मैं जितनी जल्दी हो सके उसकी योनी में गहराई तक जाना चाहता था। मैंने बेरहमी से उसकी योनि में लंड को पूरी ताकत से धक्का दे दिया जिससे लंड ने अपना रास्ता बना लिया। मेरे लंड का आधार और अंडकोष उसकी चूत के होंठों से टकरा गए और-और उन्हें चपटा कर दिया और जब उसने महसूस किया के मेरे अंडकोष उसकी योनि से चिपक गए है तो वह जोर से चिल्लाई । मैंने कुछ लम्बे-लम्बे शॉट लगाए जिससे लंड पूरा आराम से जाने लगा फिर मैंने एक अलग रणनीति अपनाई जो मुझे मिली ने सिखाई थी (जिसके वारे में आप मेरी कहानी मेरे अंतरंग हमसफर में पढ़ सकते हैं) ।
उसके बाद मैंने लंड को बाहर खींचा बस सिर्फ लंडमुंड को उसकी योनी से नहीं निकाला और फिर लंड को अंदर धकेलते हुए मैंने उसे छोटे-छोटे झटके से चोदना शुरू कर दिया। मैंने अपने बड़े लंड को उसकी योनी के मुंह के अंदर और बाहर इस प्रकार किया और उसकी तंग मांसपेशीयो वाली योनि के छेद के अंदर कभी भी लंड को पूरा नहीं घुसाया और पूरा बाहर नहीं निकाला। बुर बड़ी टाईट थी, लंड भी अटक-अटक के जा रहा था। मैं अब अपनी पूरी ताकत लगा कर उसकी बुर में डाल रहा था। हर धक्के पर उसकी मुँह से हल्की-हल्की चीख निकल रही थी।
मरीना बड़े गौर से देख रही थी कि मैं क्या कर रहा था और हेमा को थोड़ा अलग तरीके से चोद रहा था और मरीना से बेहतर उस समय कौन जानता था कि मैंने मरीना को हेमा से बिलकुल अलग तरीके से चोदा था । हेमा की इस तरह की चुदाई के दौरान हर बार मेरा लंड हेमा के G-स्पॉट को सहला और छेड़ रहा था और मरीना कुछ ठगा हुआ महसूस कर रही थी। लेकिन मेरे कक्ष की हवा में कामुकता इतनी प्रबल थी कि मरीना उससे बच नहीं सकी ।
मरीना हमारे उन्मत्त कामुक प्रयासों में अपना जादू जोड़ने के लिए मेरे पास हुई और उसका दाहिना हाथ मेरे नितम्बो तक पहुँच गया, अपने बाए हाथ से वह अपनी योनि को सहला रही थी और दाए हाथ से मेरी बड़ी-बड़ी गेंदों को सहलाने लगी। इस साहसिक कदम ने उसे और भी अधिक कामुक कर दिया और वह मेरे लंड को भी सहलाने लगी। अपने हाथ को तीव्र कोण पर घुमाकर उसने मेरे बड़े लंड की लम्बाई के चारों ओर अपनी ऊँगली का गोला बना लिया। मैं अब मरीना के हाथ की उंगलियों के गोले और हेमा की गर्म नन्ही योनी दोनों को एक साथ चोद रहा था। ये बिलकुल ऐसा था जैसे मरीना मेरे लंड के साथ हस्तमैथुन कर रही थी और इसके साथ-साथ मैं हेमा को चोद रहा था । फिर मैंने महसूस किया कि उसके हाथ की उंगलिया मेरे लंड के चारों ओर बंद हो गयी है वह मेरे लंड को पकड़ कर हेमा की योनि में गहरे घुसा रही थी और मैंने हेमा की प्रतीक्षा कर रही योनी में जोर से धक्का देना शुरू कर दिया। मरीना इस बीच अपना हाथ हेमा की चूत के होंठों को रगड़ रही थी।
"उह्ह! हेमा तुम्हारी योनि बहुत टाइट है बड़ा मजा आ रहा है! और मैंने हेमा की योनि में शातिर तरीके से मेरे कूल्हों को घुमाते हुए सब तरफ धक्के मारे।" आह! इतनी तंग योनि! मजा आ गया! " मेरा लंड उसकी योनी के अंदर उसकी दीवारों को रगड़ता हुआ और बाहर हो रहा था, जब लंड को मैंने आगे को धकेला तो लंड उसकी विभाजित कौमार्य की झिल्ली के कच्चे घाव को भी रगड़ गया और हेमा जोर से कराह उठी।
जैसे ही मैंने उसकी योनी में प्रवेश किया था हेमा की योनि रस छोड़ने लगी थी और जिस तरह से मैं उसे चोद रहा था उससे उसने पाया कि उसकी पहली चुदाई का हर कदम और भी मजेदार और मनभावन हो गया। मेरे लंड के हर धक्के ने उसको और कामुक कर दिया, जिससे उसके योनि में यौन सुख की और अधिक रोमांचक लहरें आयी और वह आनंद से कराह रही थी और मुश्किल से अपनी सांस ले पा रही थी।
मैंने उसे लिप किश किया मैं उसे लिप किश करता ही रहा वह भी कभी मेरा उप्पर लिप तो कभी लोअर लिप चूसती रही मैंने उसके लिप्स पर काटा उसने मेरे लिप्स को काट कर जवाब दिया, फिर मैं उसके होंठो को चूमने लगा और वह भी मेरा साथ देने लगी फिर मैंने अपनी जीभ उसके मुँह में डाल दी और वह मेरी जीभ को चूसने लगी। फिर मैंने भी उसकी जीभ को चूसा। हेमा अपने शरीर में आ रही कामुक उत्तेजनाओं के कारण मुझे बेकरारी से चूमने चाटने लगी, साथ-साथ मरीना ने उसकी चूची सहलानी और दबानी शुरू कर दी और हेमा सिसकारियाँ ले मजे लेने लगी ।
मरीना ने मेरे लंड को हस्तमैथुन करना जारी रखा और मेरी गेंदों को जितना वह कर सकती थी, प्यार करती रही। साथ-साथ बीच बीच में मरीना ने अपने बाएँ हाथ का इस्तेमाल अपनी चूत के होठों को सहलाने के लिए किया। उसने जितना हो सके खुद को अपनी उँगलियों से चोद दिया और अपने दूसरे हाथ को मेरे लंड और लटकती गेंदों पर रगड़ना जारी रखा। हेमा के प्रति अपनी ईर्ष्या के बावजूद वह यह भी चाहती थी कि हेमा को चुदाई का पूरा आनंद मिले और यह सुनिश्चित करने के लिए मरीना ने अपनी शक्ति में सब कुछ किया।
मेरी चुदाई, किश और मरीना के द्वारा हेमा के स्तनों और उसकी छूट को सहलाने के चार तरफा हमले का वांछित असर हेमा और मेरे पर हुआ जहाँ हेमा की चूत संकुचन करने लगी। वहीँ मैं महसूस कर रहा था कि मेरी गेंदें शुक्राणु के एक और हमले की तैयारी कर रही हैं और मैंने हेमा को जोर से चोदना जारी रखते हुए तेज धक्के लगाने शुरू कर दिए। उसकी योनि की छोटी सुरंग ने मेरे बड़े और मोटे लंड को कस कर पकड़ लिया और मेरे लंड के सिर पर योनि की मांसपेशिया और भी अधिक दबाव डालने लगी। मैंने धक्के लगाना जारी रखा जिससे मेरे लंड ने उसकी योनी के उन हिस्सों के खिलाफ जोर से चुदाई की जिन्हे लंड ने अभी तक छुआ नहीं था । हेमा ने उत्तेजना भरी हुई कराहो के साथ मेरे हर धक्के का जवाब दिया। वह चरम पर पहुँची और अपने पैरों और टांगो को-को मेरे शरीर के चारों ओर और भी सख्त कर दिया। वह तड़पने लगी और कांपने लगी उसने मुझे अपनी पूरी ताकत से मुझे दबाना शुरू कर दिया मैं समझ गया कि अब इसकी बुर को पानी छोड़ना है। मैंने भी अपने धक्कों की रफ़्तार बढ़ा दी। दो मिनट बाद उसकी पकड़ ढीली पड़ गई और हेमा की योनि ने-ने ढेर सारा चुतरस मेरे लंड पर छोड़ दिया।
मेरे उग्र प्रयासों ने स्वाभाविक रूप से मेरी उत्तेजना को बढ़ा दिया और मेरे लंड का योनि पर घर्षण तेज हो गया। ओह्ह्ह्ह करती हुई हेमा कराहने लगी! " मेरा भी लंड झड़ने को हो गया। मैंने अपने धक्कों की रफ़्तार में और तेजी कर दी, आठ-दस धक्कों के बाद मेरी गेंदें हिल रही थी और मैंने लंड को वापस खींच लिया और हेमा की योनी में एक तेज धक्का मारा और ये स्ट्रोक इतना मजबूत था कि मेरा लंड मरीना की मुट्ठी से फिसल गया और हेमा की योनि में पूरा घुस गया और लंड की पिचकारी छूट पड़ी और सारा का सारा माल हेमा कि चूत में भरता चला गया। मैं उसके ऊपर लेट गया। मेरी और उसकी सांसें बड़ी तेजी से चल रही थीं।
कहानी जारी रहेगी