Update 178

VOLUME II

बैचलर पार्टी

CHAPTER-3

PART 21

तरोताजा चुदाई

फिर उसने अचानक अपने योनि के होठों को कठोर लंड के ऊपर नीचे की ओर दबाया, जो धड़क रहा था और अपनी चूत के चमकते लाल होंठों के साथ मेरे उत्सुकता से धड़कते हुए लंड की लंबी गीली लंबाई पर तेजी से ऊपर-नीचे हो रही थी।

फिर कुछ देर बाद मिनी थक गयी तो हम उस कुंड से बाहर आ गए और मैंने उसे लिटा कर एक झटके में फिर लंड पूरा अंदर घुसा डाला।

मैं अब उसे पूरी स्पीड से चोद रहा था, मिनी अब पूरी मस्त हो गयी थी और उसे अपनी चूत की गहराई में लंड के सुपाडे से लगने वाली जोरदार ठोकर से होने वाले दर्द का भी अहसास नहीं था, मैं उसके कोमल से गोरे स्तनों की दबा रहा था और इस वजह से मिनी के गोरे स्तन लाल हो चले थे।

मिनी अब वासना के परमानन्द में डूबी हुई थी और बडबडा रही थी-ओह यस ओह यस, चोदो मुझे, कुमार जोर से चोदो मुझे और जोर से कुमार! फाड़ दो मेरी चूत को, चीर के रख दी चूत को, दि हें, चोदो कुमार और जोर से चोदो मुझे! आह ऐसे ही, ओह यस, चोदो मुझे!

मिनी ने शरीर में जबदस्त अकडन आ गयी। उ मैं अब उसे बड़ी बेदर्दी से चोद रहा था और मिनी की छोटी-सी नाजुक-सी चूत में अपना मोटा-सा मुसल लंड डालकर उसे सुरंग बना दिया था। मैं इतनी तेज पेल रहा था कि मिनी की चूत में ठोकरे मार-मार कर उसकी चूत सुजा दी थी, तभी एक तेज झटका और उसकी कमर और पिंडली में भीषण दर्द पैदा कर गया, मिनी आआआआअह्हह्हह्हह्हह्हह ओअओअओअओह्ह्ह्ह ओह्ह्ह गॉड मर गई ओह।

फिर मैं मिनी के-के स्तनों को जकड़कर तेज और तेज धक्के लगाने लगा। मिनी का पूरा शरीर कांपने लगा और फिर उसे ओर्गास्म हो गया था। कुछ देर तक वह तेज-तेज कराहाती रही और उसका पूरा शरीर कांपता रहा।

मिनी के मुहँ से कामुक और दर्द भरी कराह निकलती रही-यस यस-यस यस-यस ओह गॉड आह्ह्हह्ह ओह्ह्ह्ह स्सस्सस्स आःह्ह ओह्ह्ह्हह स्सस्सस्स ओह, ओह्ह्ह्ह यस-यस यस!

मैं थोड़ा आगे हुआ और उस पर झुक कर मिनी के ओठो को अपने मुहँ में ले लिया और अपनी जीभ उसके मुहँ में डाल दी और दोनों के जीभ आपस में गुथाम्गुत्था हो गयी। मिनी की चूत अब अपने रस से पूरी चिकनी ही गयी थी जिसके कारण चूत की दीवारों का विरोध अब कमजोर हो गया है और उनका लंड पर कसाव भी ढीला हो गया। चूत मेरे मोटे लम्बे लंड के मुताबिक खुद को एडजस्ट कर चुकी थी लंड अब आसानी से रीमा की चूत में अन्दर तक जा रहा था। चूत की दीवारों से लगातार पानी रिस रहा था और हम दोनों पसीने से नहा गए थे। मुझे लगा की अब मैं ज्यादा देर तक रीमा को चोद नहीं पाऊँगा और मेरा चरम अब करीब था, मिनी तो पहले ही झड चुकी थी। लेकिन वह फिर गर्म हो गयी थी और कुछ ही देर में वह एक बार फिर उसका पूरा शरीर कापने लगा था, उसके स्तन और शरीर में अकडन आ गयी थी, पूरा शरीर पसीने से नहाया हुआ था।

मैंने एक हाथ मिनी के चुतड के नीचे लगाया जबकि अपने दूसरे हाथ से बारी-बारी से मिनी के स्तनों को बुरी तरह मसला रहा था। मिनी की उत्तेजना चरम पर थी इसलिए उसे इस तरह से स्तन मसलवाने में भी आनंद महसूस हो रहा था ले और सत्य में मिनी की चूत में इतने जोरदार झटके लगा रहा था कि मेरी गोलिया मिनी के चुताड़ो और गांड से टकराने लगी थी। मैं झड़ने की कगार पर पहुँच चूका था कर अब उसे पूरी स्पीड से चोद रहा था।

मैं कहने लगा और साथ में मिनी के कराहने की आवाज और तेज हो गयी। मैं मिनी को बेतहाशा चूमने लगा, अपनी लार और जीभ दोनों उसके मुहँ में उड़ेल दी औरउसके मुहँ की लार को पीने लगा। मेरी गोलियाँ फूलने लगी, मैंने मिनी के चुतड के नीचे लगे हाथ से उसकी कमर को ऊपर उठाया और चूत में अन्दर तक लंड पेल दिया और इसके साथ हे उनके अन्दर भरा गरम गाढ़ा वीर्य बह निकला और अगले तेज झटके के साथ उसके अन्दर का गरम सफ़ेद गाढ़ा लावा तेज पिचकारी के साथ लंड के छेद से निकल कर मिनी की चूत में भर दिया। मैंने झटके लगाने नहीं रोके और लंड को चूत की गहराई में ही आगे पीछे कर रहा था। एक दो तीन ...और इसी तरह बहुत सारी छोटी पिचकारियो से मैंने मिनी की चूत लबालब भर दी।

हम दोनों पसीने से कई बार नहा चुके थे, मैंने अपने लंड को लंड रस से सनी चूत की गहराई में ठेल कर थका हुआ हाफता हुआ मिनी के ऊपर पसर गया और मिनी ने मुझे अपनी बांहों में भर लिया।

कुछ डियर बाद हमने देखा तो कैसा की एक सहायिका कड़ी हुई थी जिसे देख मिनी बोली लगता है बुलावा आ गया अब हमे हॉल में चलना चाहिए और फिर हमने अपने जल्दी से लंड और चूत को धोया और अपने चोगे पहने और हाथ में हाथ डाले वापिस चले गए।

हम दोनों हाल में मंच पर वापिस पहुँचे तो कैसा ने घोषणा की-की अब अगले सत्र में सब लड़किया केवल पांच मिनट तक ही अगली सीट पर रुकेंगी और उसके बाद घंटी बजेगी ताकि सभी पुरुष इस सत्र में सभी लड़किये से एक बार परिचित हो जाए । और फिर घंटी बजी और तरोताजा लड़किया अगले सीट की तरफ बढ़ गयी । सबने तरोताजा होकर दुबारा चुम्बन और आलिंगन किया और फिर चोगे उतार कर फेंक दिए गये और चूमना चाटना और चुदाई शुरू हो गयी ।

फिरपांच मिनट में घंटी बजी और लड़किया आगे बढ़ गयी और फिर हर पांच मिनट बाद घंटी बजती रही और लड़किया अपनी जगह बदलती रही । इस रुकना और फिर शुरू होने में सबको सांस लेने का भी समय मिला और सबने सभी लड़कियों को चोद लिया । तो लम्बी घण्टी बजी और कैसा बोली आप सब ये सत्र पूरा कर लीजिये ।

उस हाल में चारो और चुदाई अपने चर्म पर थी। लड़कियों को शुक्राणुओं की बौछार एक बार फिर मिली और पुरुषो को एक ही समय में इतनी शानदार लड़कियों से एकसाथ सम्भोग करने का मौका मिला।

कैसा ने फिर पांच मिनट का अल्पविराम घोषित किया और इस बीच परिचारिकाओं ने पेय और खाने पीने के पदार्थ प्रदान किये।

जारी रहेगी​
Next page: Update 179
Previous page: Update 177