Update 77
VOLUME II
विवाह और शुद्धिकरन
CHAPTER-1
दावत
PART 02
विवाह और शुद्धिकरन
CHAPTER-1
दावत
PART 02
चेरी ने चुम्बन तोडा तो डेज़ी मेरे ऊपर झुकी और मुझे एक बहुत गरमा गर्म लिप किस करि। कुछ देर बाद हमने चुंबन तोड़ दिया फिर चेरी बोली अब लिली की बारी है
उस टिप्पणी के बाद, एक सेकंड के अंदर ही लिली के होठों ने मेरा एक जबरदस्त चुंबन किया ।
फिर मैंने बोलै एक धन्यवाद मेरी तरफ से तुम तीनो का भी होना चाहिए और बारी बारी से तीनो को किश करने लगा । इस बीच चेरी को लिली भी उसी शिद्दत से चूमने लगी । उन चुम्बन करती हुई सुंदरियों के चुम्बन में मैं भी शामिल हो गया।
इस तरह हम चारो ने एक ग्रुप में चुम्बन किया जिसमे हम चारो एक दुसरे के ओंठो को चूस रहे थे।. मैं चेरी और लिली का ऊपर का आधा ओंठ चूस रहा था तो डेज़ी मेरा आधा नीचे का ओंठ चूस रही थी और साथ में लड़किया भी एक दुसरे के ओंठ चूस रही थी और हम चारो की जीभे आपस में मिल रही थी। कुछ पता नहीं किसकी जीभ किसके साथ पेच लड़ा रही थी। हम चारो की आँखे आनंद में बंद थी।
ये बहुत शानदार और अध्भुत अनुभव था।
पता नहीं हम कितनी देर किस करते रहे। मेरे हाथ उनकी पीठ पर फिरते रहे और पीठ से होकर उनके एक स्तन पर पहुँच कर चेरी के दाए स्तन और लीली के बाए स्तन से खेलने लग गए।
मेरे लिए ये जबरदस्त सेक्स की सबसे शानदार शुरुआत है जो एक गर्म किश से शुरू होती है। जिसमे पहले चूमना किश करना, सहलाना, प्यार करना,. मीठी बाते करना एक अच्छे सेक्स का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा हैl इससे सेक्स का पूरा मजा मिलता है।
जब हम सांस लेने के लिए रुके और उन तीनो ने एक दुसरे को देखा और हमने दुबारा एक दुसरे को चूमना शुरू कर दिया और चेरी ने मेरी जांघों को रगड़ते हुए मेरे लंड को पकड़ लिया उसी समय लिली के भी हाथ मेरे अंडकोषों पर चले गए और डेज़ी मेरी छाती पर हाथ फिराने लगी ।
फिर डेजी का हाथ भी नीचे पहुँच गया और मेरी कठोर लंड को सहलाते हुए उसने उसे कस कर पकड़ कर दबोच लिया ।
फिर चेरी ने अपना चुम्बन तोडा और गर्म चुम्बन करते हुए मेरी छाती को अपने हाथो से सहलाते हुए उसने मेरे लंड की अग्रभाग पर चुम्बन किया । उसकी जांघो ने मेरी जांघ को रगड़ा और फिर डेज़ी ने भी चुम्बन छोड़ कर नीचे जा कर मेरे लंड को सहलाते हुए मेरे लंड को चुम्बन किया ।
10 सेकंड के अंदर ही लिली में झुक कर मेरी गर्दन को चूमने और चाटने लगी और मेरे सारे बदन पर तीनो का एक हाथ चल रहा था फिर जब लिली मेरी छाती को चूम और चाट रही थी तो चेरी मुझे लिप किश करने लगी । फिर जहाँ चेरी ने छाती को चूमना रोका वही से लिली मेरी छाती को चूमना और चाटना शुरू कर देती थी और डेज़ी मुझे लिप कस करने लगी इस तरह बारी बारी से वैकल्पिक चुंबन और मुझे चूमना और चाटना चलता रहा और वह तीनो मेरे निप्पलों और मेरे ओंठो को बारी बारी चूमने और चूसने लगी। .ये एक अभूतपूर्व अनुभव था पूरा शरीर कुछ नया अनुभव कर रहा था । एक साथ ओंठो का चुम्बन और छाती के दोनों निप्पल को चुसवाना अलग ही अनुभव था और मेर लंड फुफकार रहा था ।
इसके बाद पता नहीं कब मेरा हाथ एक अलग चूत पर पहुँच गया था और तभी मैंने महसूस किआ कि तीन हाथ मेरे बहुत खड़े हुए लंड और अंडकोषों से खेल रहे थे ।
मैंने शुरू में प्रत्येक चूत को अपने हाथ से सहलाया और फिर उन्हें रगड़ना शुरू कर दिया । जबकि मेरी उंगलियों ने हर एक के अंदर अपना रास्ता ढूंढ लिया। चेरी की चूत के अंदर मेरे एक हाथ की उंगलियाँ थीं, जबकि मेरे दूसरे हाथ की एक उंगलि डेज़ी की चूत के अंदर थीं। इस दौरान हमारी किस चलती रही ।
उनकी चूत पर हाथ फेरने के कुछ ही मिनटों के बाद लिली और डेज़ी ने ने अपनी स्थिति बदल ली और अपने सिर को मेरे पैर की ओर करके बिस्तर पर लेट गईं। और होंठों की एक जोड़ी ने मेरे लंड अपने अंदर ले लिया और नीचे की ओर से उँगलियों से लंड को पकड़ लिया था, जिससे लंड सीधा खड़ा रहे ।
मैंने नीचे देखा और देखा कि लिली मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चूस रही थी जबकि चेरी ने मेरा लंड और अंडकोषों को पकड़ रखा था। कुछ देर बाद इसी का अनुसरण करते हुए डेज़ी ने मेरा लंड चूसा और चेरी ने मेरा लंड उसके लिए पकड़ा और अंडकोषों को चूसना शुरू कर दिया । इसी तरह लिली और डेज़ी ने कई बार बारी बारी से मेरा लंड चूसा और बीच बीच में चेरी भी मेरा लंड चूसने लगती मैं उन्हें मेरा लंड चूसते हुए देखता रहा ।
फिर उन तीनो ने मेरा लंड अब एकसाथ चूसना शुरू कर दिया । लिली मेरे लंडमुंड को मुँह में दाल कर चूसने लगी और देसी बाकी के खड़े हुए कठोर लंड की पूरी लम्बाई को चूसने लगी और चेरी मेरे अंड़कोश चूसने लगी ।
फिर उन तीनो ने जगह बदल बदल कर मेरा लंड चूसा . उनका सामंजस्य अद्भुत था । फिर दो ने आधा आधा लंड चूसना शुरू कर दिया । लिली ने दायी और से चूसना शुरू किया और डेज़ी ने बायीं और से चूसना शुरू कर दिया । दोनों ऊपर से शुरू करती फिर लंड पर झीभ फेरते हुए नीचे तक जाती फिर जड़ से वापिस ऊपर तक आती। मैं तो बस जन्नत में था। वही तीसरी लंडमुंड चूस रही थी . उस तरह तीनो लंड चूस रही थी ,, कभी लंडमुंग कभी लंबाई और कभी अंडकोष तीनो जीभ गोल गोल घूमा घूमा कर चूस रही थी .. सच बहुत मजा आ रहा था .
फिर मेरा ध्यान मेरे सर के दोनों और उनकी चूत पर गया जो मेरे मुँह के पास थी । दोनों लड़किया इस तरह से लेटी हुई थी के उनकी चुत मेरे मुँह के बिलकुल पास थी । लिली की चुत बायीं और और डेज़ी की चूत सिर के बाईं ओर थीl मुझे केवल अपना सिर एक तरफ से दूसरी तरफ मोड़ना था और मेरा मुंह लिली और डेज़ी की चूत पर टिका कर उन्हें बारी बारी चूसने लगा । मैं पहले एक चूत को चूसता और चाटता था फिर सर घुमा कर दूसरी को चूसने और चाटने लगता ।
मैं कई बार आगे पीछे होकर लिली और डेज़ी की चुत को बारी बारी चूमता चूसता रहा । मैं उनकी चुत की पूरी लम्बाई और गहराई में अपनी जीभ चला रहा था । मैंने जीभ से उनकी चुत की गहराई की जांच करि ।
बीच मैं कभी-कभी उनकी चूत के दाने को भी चूसना शुरू कर देता और फिर उनकी योनि के बाहरी होठों की पूरी लंबाई को अपने मुँह में लेकर चूसता और फिर अचानक अपनी जीभ को जितना हो सके उनकी योनि की गहराइयों में घुसा देता था ।
उधर चेरी मेरा लंड चूस रही थी और लंड चूसते चूसते चेरी मेरे ऊपर चढ़ गयी ...और मेरे गले में बाहें डालकर , अपनी गांड को मेरी जाँघों पर मसलने लगी ..
चेरी का शरीर गोरा चिकना और भरा हुआ था मैंने अपने हाथ आगे करके चेरी के स्तनों को पकड़ लिया और उन्हें बेदर्दी से दबाने लगा और दुसरे हाथ से उसकी गांड को मसलने लगा .
मैंने अपने हाथों की उँगलियों में चेरी के निप्पल भर लिए , वो इतने बड़े और मुलायम थे मानो अंगूर , उनमे से रस निकल कर जैसे बाहर बह रहा था ..
हम फिर से बैठ गए, चेरी मेरी गोद में बैठी गयी। वह मेरे नग्न शरीर के साथ चिपक गयी . मैंने चेरी को अपने गले से लगा कर उसके मुम्मो को अपनी छाती से दबा कर पीस दिया ...वो भी सिसक कर अपनी छातियों को मेरे सीने से लगकर मसलने लगी .. उसके फर्म स्तन मेरे स्तन से चिपक गए , उसने अपना हाथ मेरी गर्दन में डाल दिया और उसने अपने गुलाबी होंठ मेरे होंठो से चिपका कर गर्म चुंबन करने लगी .
मैंने टेबल पर से गिलास उठाया और शैम्पेन का घूँट मुँह में भरा और चेरी को अपनी तरफ खींचकर उसके होंठों से होंठ लगा कर वो भी उसके मुंह में डाल दी ..चेरी उस को पी गयी, और मेरे होंठों को बुरी तरह से चूसने लगी. वो गहरी साँसे लेती हुईमेरे ओंठो और चेहरे को नशे की वजह से चूमे जा रही थी,
उधर मेरे छोटे शैतान ने पूरा उग्र रूप धारण कर लिया था और चेर्री ने अपनी जांघों को अलग कर दिया, और उसने अपना हाथ डाल कर मेरा लंड पकड़ लीया और अपने योनि पर रगते हुए अपना छेद को खोजा और उसमे लंडमुंड को फसाया और उचक कर ऊपर हुई और अपनी योनी के मोटे रसदार होंठों के बीच डाल दिया.
चेरी ने अपनी लम्बी जीभ निकाली और मेरे गले से लेकर ऊपर की तरफ चाटना करनी शुरू कर दीया ..उसकी गीली जीभ अपना गीलापन छोडती हुई जा रही थी . चेरी की नंगी छातियाँ मेरे सीने चिपकी हुई थी मैंने भी अपनी जीभ निकाली और चेरी के कंधो पर रगड़ने लगा और फिर चाटने लगा और चेरी के जिस्म का नमक चखने लगा .
अपने ऊपर हो रहे तींतरफा हमले से चेरी छटपटाने लगी ..वैसे ही उसकी चूत अपना रस छोड़ कर मेरे लंड को गीला कर रही थी और वो सिस्कारिया मारने लगी
उह आह उफ्फफ्फ्फ़ उसके मुंह से बाहर निकलने लगे .. आगे का काम चेरी ने लिया ..अपने शरीर को नीचे की तरफ एक जोरदार झटका दिया ..और मेरा लंड पूरा का पूरा अपने अन्दर घुसेड लिया ...
"अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ......उम्म्म्म्म .....ओघ्ह्ह्ह्ह .... ...अह्ह्ह ..चोदो मुझे ....अह्ह्ह ....जोर से ....हां ..."
में फिर तेजी से अपने काम में लग गया ..और उसकी चूत के अन्दर अपने लंड के झटके दे देकर उसे बुरी तरह से चोदने लगा ..
इस बीच लीलय और डेज़ी खाली नहीं थी .. पहले तो वो दोनों एक दुसरे को चूमने और छटने लगी रही फिर कुछ दे बाद लिली मेरी पीठ की तरफ आ गयी और मेरी पीठ की अपर से नीचे तक चाटने और चूमने लगी और यही काम डेज़ी चेर्री के साथ करने लगी और साथ साथ उसके स्तनों को दबाने लगी
चेरी अह्ह्ह अह्ह्ह उफ्फ्फ उफ्फ्फ उम्म्म ....उम्म्म अह्ह्ह्ह्ह ...उफ्फ्फ्फ़ उफ्फ्फ ..... " कर रही थी
अह्ह्ह्ह्ह्ह ओफ़्फ़्फ़्फ़्फ़ मर्र्र गयी ....अह्ह्ह्ह .....बहुत मजा आ रहा है ....हाँ ....ऐसे ही ...ओह्ह्ह जोर से करो तेज करो ... ओह्ह्ह्हह्हह .....मैं तो गयी ....अह्ह्ह्ह ...."
और वो झड़ने के बाद मेरे ऊपर गिर गयी ...
उसकी झड़ते ही लिली ने उसको हटाया और मेरे ऊपर आ गयी और तेजी से ऊपर नीचे होने लगी और जल्द ही झङ् गयी .. और उसके झड़ने के बाद डेज़ी ने मुझे लित्य दिया
मैं अभी भी अपनी पीठ पर था और मेरे लंड की पूरी लंबाई डेज़ी के मुँह में थी। उसके बाद डेज़ी ने मेरे लंड को अपने मुंह से निकाला, मेरे कूल्हों के दोनों ओर एक एक पैर करते हुए खुद को खड़ा किया और और फिर नीचे बैठते हुए उसने मेरा लंड अपनी चूत के द्वार पर लगा दिया। जब उसने खुद को मेरे लंड पर उतारा तो उसकी चुत मेरे लंड को पूरा निगल गयी। डेज़ी की चूत अब पूरी तरह से मेरे लंड के चारों ओर लिपटी हुई थी।
मैंने महसूस किया डेज़ी की चूत बहुत टाइट थी वो भी मेरे लंड को अपने अंदर लेने के एहसास को महसूस कर मजे ले रही थी वो कुछ देर तक वो ऊपर नीचे होती रहीl इस तरह चोदने का आनंद लेने के बाद मैं भी उससे मिलने के लिए नीचे से अपने चूतड़ उठा कर जोर लगाने लगाl जब भी उसकी चूत नीचे आती थी. मैं भी धक्का ऊपर को लगा देता था. जिससे उसकी आह निकल जाती थी । फिर तो हम रिदम में ताल से ताल मिला कर चुदाई करने लगे जब मैं इस तरह डेज़ी को चोद रहा था. तो चेरी उठ कर मेरे अंडकोष चूसने लगी और लिली मेरे ओंठ चूसने लगी . इस तरह से मैंने डेज़ी को काफी देर तक चोदा।
फिर चेरी उठी और मेरे लैंड को नीचे आकर मेरे अंडकोषों को चूमने लगी, और साथ के साथ जब डेज़ी ऊपर होती तो वो मेरे लंड को भी चूमने लगी और बीच बीच में चेरी की चूत को भी चूम लेती थीl इस तरह से डेज़ी की चुदाई का मजा दोगुना हो गया और इस बीच मैं उसके स्तनों से खेलता रहा और लिली आगे से डेज़ी के स्तनों को चूसने लगी
उसके बाद मैंने और डेज़ी ने कस कस कर लम्बे लम्बे शॉट लगाए जिससे हमारा पूरा बदन हिल जाता था और हर शॉट के साथ उसकी एक जोरदार आह निकलती थीl
इस जबरदस्त चुदाई से हम दोनों एक साथ ही चरमोत्कर्ष पर पहुँच गए। मैं इस जबरदस्त चुदाई के कारण हो रही डेज़ी के शरीर की प्रतिक्रिया को महसूस कर रहा था क्योंकि उसका शरीर कांपने लगा वह एक जबरदस्त ओर्गास्म अनुभव कर रही थीl उसने मेरे लंड को अपने अमृत से पूरा नहला दिया। लगभग उसी के साथ डेज़ी ने जोर से चिल्लाना शुरू किया उस कम्पन भरी चिल्लाहट से दो घंटे से ज्यादा देर से उत्तेजित मैंनेी डेज़ी की चूत से लंड बाहर निकाल लिया और में बड़ी भारी मात्रा में लावे का विस्फोट कर दिया और मेरे लावे को चेरी चाट गयी और फिर उसने उसे मेरा वीर्य डेज़ी और लिली को भी चटाया . उसकी कसी हुई चूत के कारण डेज़ी ने मुझे चुदाई का भरपुर मजा दिया ।
हम दोनों कुछ देर तक हम चाओ बिस्तर पर लेट कर चूमते सहलाते रहे , तीनो मुझे पकड़ कर आलिंगन करती रही और हम चुंबन का आदान-प्रदान करते रही फिर चारो साथ में चिपक कर सो गए। ।
कहानी जारी रहेगी