Update 01

हेलौ दोस्तों, मेरा नाम पूजा है । मै 26 साल की लडकी हू । मै UP की रहने वाली हू । मेरी अभी तक शादी नही हुयी है । मैने पढाई पूरी कर ली है । मै अब घर पे ही रहती हू । मेरे पापा दुबई मे नौकरी करते है, मॉ टीचर है । मेरी एक दीदी भी है, जिनकी अब शादी हो चुकी है ।

मै अपने जिंदगी की दास्ताँ बताने जा रही हू।

मेरा परिचय

मेरा नाम पूजा है । मै 26 साल की हू । मेरा कद 5 फीट 10 ई्ंच है । मेरा वजन 47 किलो है। मेरा फिगर 34B 30 34 है। , यानि की मैं एक गदरायी -बदन वाली मस्त लौंडिया हु , जिसके आगे -पीछे बचचे से लेके बुड़्हे लोग तक घूमते रहते हैं . मेरे केश के बाल कंधे तक आते हैं & मेरा रंग गोरा है . कुल मिला के कह सकते हैं की मैं एक मॉडल सी दिखती हु .

मेरा बचपन

मैं एक छोटे से गांव में पैदा हुई. बचपन मेरा बहुत खुसी ख़ुशी बीता जवानी की दहलीज पे कदम रखते ही मेरा बदन का विकास होनेए लगा . कॉलेज टाइम मैं ही मेरी चूचियां B-कप्स की हो गईi थी . सौभाग्यवश , मेरे दोनों निप्पल्स भी ज्यादा बडे हैं , जिनपे मुझे बहुत गर्व है . मेरी चूत का भी विकास बहुत अछि तरह से हुआ . मेरी बुर की फांकें एकदम सटी हुई थी , और मेरी क्लीट काफी बड़ी थी . मेने काफी बार ये नोटिस किआ था कि - जब मैं अपनी टांगें फैलाती थी , तो मेरी बुर की दोनों फांकें एकदम सटी हुई होती थी , जबकि मेरी दीदी और कजिन की बुर की फांकें अलग -अलग दिखती थी .

बचपन मैं मेरी पक्की सहेली मेरी दीदी ही थी . माँ का भी व्यहवार हम लोगो से दोस्ताना ही था परंतु दीदी मेरे एकदम करीब रहती . हम दोनों साथ साथ ही सोते , खाते पीते , कॉलेज जाते ..,वगेरा वगेरा . डैड तो साल मैं 1 या 2 बार ही घर आ पाते , वो भी कुछ दिनों के लिए . मेरी माँ बहुत धार्मिक महिला थी , उन्होंने हम दोनों बेटियों को बहुत प्यार से पाला . हम दोनों बहनों को उन्हूने गर्ल्स कॉलेज & कॉलेज मैं पढ़ाया .

जब मैं थोड़ी बड़ी हुई , तो सही उम्र आने पे दीदी ने मुझे पैड्स यूज़ करना , फ़िंगेरिंग करना etc सिखाया . दीदी का कोई बॉयफ्रेंड नहीं था परंतु वो काफी हॉट थी & हर रात को वो 3-4 बार फ़िंगेरिंग किया ही करती थी . वो हमारी एक कजिन & अपनी एक सहेली से लेस्बियन भी किया करती थी . जब भी वो कजिन / उनकी सहेली घर आती , मुझे दूसरे रूम मे सोना पड़ता & वो सब रात भर लेस्बियन करके अपनी हवस शांत करती . माँ को ये सब पता चल गया परंतु उन्होंने किसी से कुछ भी नही कहा . BA मे दीदी के फेल होने के बाद माँ ने दीदी की शादी एक इंजीनियर से करदी . अब दीदी , जीजा & अपने बच्चों के साथ विदेश मे सेटल्ड है .

दीदी की शादी के बाद मेने एक गर्ल्स कॉलेज से BA किया & पूरा ध्यान स्टडीज मे लगाया , जिसकी वजह से मेरा एडमिशन देलही मे एक बहुत बढ़िया कॉलेज मे MA मे हो गया .

मेरे कॉलेज के दिंन

मैं डेल्ही आकर बहुत खुश थी . एक तो इतना बढ़िया कॉलेज था & उसपर से डेल्ही का ओपन - अत्मोस्फेर . हॉस्टल आल्लोट हो गया . मेरी रूममेट साक्षी नाम की एक लड़की बानी . वो भी UP के ही एक छोटे से शहर की थी , और बहुत खूबसूरत थी , मेरे से भी ज्यादा सुन्दर थी वो & उसका बदन मेरे से भी ज्यादा गदराया हुआ था . कुछ ही दिनों मैं हम दोनों बहुत ही पक्की सहेलियां बन गयी . कॉलेज स्टार्ट हो गए थे & हम दोनों ने अपना पूरा ध्यान अपनी स्टडीज मे लगा दिया था .

कुछ महीने बाद साक्षी की भाभी हॉस्टल मे साक्षी से मिलने आयी . साक्षी ने मेरे परिचय अपनी भाभी से करवाया , भाभी का नाम नीलू था , भाभी तोह साक्षी से भी ज्यादा बला की खूबसूरत थी . मैं तोह भाभी को देखती रह गयी . फिर मैं भाभी को नमस्ते की & डेली के कामो मे व्यस्त हो गयी . शाम को भाभी के साथ चाय हुए , हमने ताश खेलने का प्लान बनाया . मुझे ताश खेलना नही आता था , इसलिए मैं मना करने लगी परंतु थोड़ी ही देर मैं भाभी और साक्षी के बार बार कहने पे मैं मान गयी .

भाभी और साक्षी ने मुझे थोड़ा थोड़ा ताश खेलना सिखाया , फिर मैं उनके साथ खेलने लगी . खेलते खेलते भाभी ने हम लोगो से " स्ट्रिप पोकर " खेलने को कहा ? मुझे नही मालूम था , इसमें क्या होता है , तोह साक्षी ने बताया कि - इसमें जो हारता है , उसको एक एक करके कपड़े उतारने पड़ती है . मैं मना करने लगी , क्योंकि मुझे ठीक से ये गेम खेलना नही आता था , तो साक्षी & भाभी ने मुझे जिद्द करके मना लिया . पता नही क्या कारन था , कि मैं भाभी कि बातुंन मे आ गयी . मुझे साक्षी के सामने नंगी होने मे को i प्रॉब्लम नही थी , क्योंकि मे उसके सामने कई बार कपड़े बदलते हुए नंगी हो जाती थी & उसको भी मेरे सामने नंगी होने मे कोई प्रॉब्लम नहीं थी .

धीरे धीरे गेम शुरू हुआ . मुझे गेम ठीक से आता नही था , सो मे १स्त राउंड मे हारी . मुझे अपनी समीज उतारनी पड़ी . मुझे भाभी से शर्म आ रही थी . 2nd राउंड मे शाक्षी ने मेरी हेल्प क़ी, भाभी ने उसको मेरी हेल्प करने दी . इस बार साक्षी जान भूझकर हारी . हारते ही वो अपनी समीज उतार के फेंक दी . नेक्स्ट राउंड मे फिर साक्षी ने मेरी हेल्प क़ी & वो जान बूझकर हारी . इस बार उसने अपनी शलवार उतार के साइड मे रख दिया . अब साक्षी सिर्फ ब्रा और पैंटीज़ मे थी & मैं टॉपलेस थी . नेक्स्ट राउंड्स मे साक्षी ने मेरी हेल्प नही क़ी और मैं क्रमसः नंगी होती चली गयी . कुछ ही राउंड्स के गेम मे, मैं पूरी नंगी हो चुकी थी और साक्षी सिर्फ ब्रा & पैंटीज मे थी , और भाभी क़ी बॉडी से एक भी कपड़ा नही उतर था , यानि वो एक भी राउंड नही हारी थी .

भाभी मेरे से बोली - चूँकि हम दोनों मिल के भी मेरे को एक भी राउंड नही हरा पाए थे , सो तुम दोनों को मेरी "स्लेव " बनके रात भर रहना पड़ेगा . मैं मना करने वाली थी , कि साक्षी ने भाभी को " हाँ " करदी . मैं आँखों से शाक्षी को मना करने लगी , तो वो बोली - डर गई ? आखिर मैं ये बात कैसे एक्सेप्ट कर सकती थी ? मैं भी भाभी को ' हाँ ' करदी . भाभी हम दोनों को बोली कि हम दोनों को उनकी हर बात सुबह तक माननी पड़ेगी , अगर ये हमे मंजूर हो , तो वो गेम आगे बढ़ाएंगी , नहीं तोह कार से वापस चली जाएँगी . हम दोनों भाभी की मॉर्निंग तक स्लेव बनने रहने को " एक्सेप्ट " कर लिया.

भाभी हम दोनों को " शार्ट स्कर्ट & टॉप " पहनने को बोली . मैं ब्लू ब्रा , ब्लू पैंटीज़ & ब्लू जीन्स टॉप & जीन्स स्कर्ट पहनी , जो मेरी घुटनोंओ तक की थी . साक्षी ने भी वैसे ही कपड़े पहने . भाभी बाथरूम गयी & नहा के अपनी साड़ी चेंज करके ब्लू सलवार समीज मे बहार निकली. फिर वो बहार जाने को रेडी हुई & हम तीनो नीचे उतरे , और कार से रेस्टोरेंट की तरफ निकल पडे .

हम तीनो एक अच्छे से रेस्टोरेंट पहुचे , वह हम तीनो ने भर पेट खाना खाया .फिर भाभी ने आइसक्रीम का आर्डर किया . इसी बीच, खाना खाने के बाद मुझे जोरो की पेशाब लगी . मैं बाथरूम जाने के लिए खड़ी हुई , तो भाभी ने पूछा - क्या हुआ ? मैं बोली - सुसु लगी है , जोरो की ! भाभी बोली - चलो पूजा ! तुमको सुसु करा दूँ मैं अब , नही तोह तुम यहॉ चेयर पे ही सुसु कर दोगी ! भाभी इतनी जोर के बोली की रेस्टोरेंट के सभी लोग हमारी तरफ देखने लगे . भाभी बगल मे खाना खा रही महिला से बोली - बेचारी , इस लड़की को किडनी मे पथरी ( stones ) हो गयी है . ये ब्लैडर कण्ट्रोल नही कर पाती है . इसको जल्दी ले जाती हूँ , नही तोह ये यही सुसु करने लगेगी . मैं तोह शर्म से पानी -पानी हो गयी थी , इतने लोगो के बीच मेँ खड़े होके, भाभी की बातों को सुंन के . इधर साक्षी भाभी की चाल समझ गयी थी & वो मंद मंद मुस्कुरा रही थी .

भाभी ने मेरे हाथ पकडे & मुझे लेके बाथरूम मेँ घुस गयी . इत्तफाक से बाथरूम मेँ बस हम दोनों ही थे . भाभी ने मेरे से मेरी चड्डी मांगी . मैं मना करने लगी , तोह भाभी ने क्रोध भरी ऑंखें दिखाई . मैं धीरे धीरे अपनी चड्डी उतारते हुए भाभी को देदी . मुझे बहुत शर्म आ रही थी & मुझे उससे ज्यादा उतनी ही जोरो से पेशाब भी लगी थी .

मैं बाथरूम के स्टाल्स की तरफ जाने लगी , तो भाभी ने मुझे रोक दिया & मुझे बोली - देखो पूजा ! अगर पेशाब करना है , तोह यही स्टाल के बहार करलो , अंदर स्टाल्स मेँ नही करने को मिलेगा . मैं भाभी से रिक्वेस्ट करने लगी - भाभी जाने दो न ! बहुत जोर की मूत लगी है ! प्लीज !...... परंतु भाभी नही मानी . वो बोली - अगर पेशाब करना है - तो यही बहार करना पड़ेगा , नही तोह चलो , अब तुमको हॉस्टल ले चलती हूँ ?

मुझे इतने जोरो की पेशाब लगी थी , की मैं झुंझुला उठी , और भाभी की आँखों मैं देखते हुए अपनी स्कर्ट अपने दोनों हाथों से पकड़ी , और भाभी की आंखों मेँ देखते हुए अपनी चड्डी को धीरे धीरे नीचे सरकाया . मेरी बुर अब मेरी झांटों के पीछे छुपी हुई एकदम भाभी की नज़रो के सामने थी , भाभी मंद मंद मुस्कुरा रही थी . मैं भी भाभी की आँखों मेँ देखते हुए , थोड़ी मुस्कुराई , और अपनी आंखें बंद कर ली .

मेरी चड्डी अब मेरे घुटनोंओ पे थी. मैं अब अपनी स्कर्ट को अपने दोनों हाथों से कमर तक उठाये हुए , आँख बंद किये हुए , मैं इंडियन स्टाइल मेँ नीचे बैठते चली गयी . आह ! धीरे धीरे मेरी बुर भाभी के सामने आती गयी . जब मैं पूरा नीचे इंडियन स्टाइल मेँ बैठ गयी , तो मेरी बुर की दोनों फांकी खुल के भाभी के सामने थी . भाभी मंद मंद मुस्कुराते हुए मेरी बुर & मेरे चेहरा को देख रही थी . मेने एक गहरी सांस ली और अपना मूत्र -द्धार खोल दिया . मूत्र -द्धार खुलते ही , पेशाब बहार निकलने लगा और ऑंखें बंद रखते हुए ही मैं पेशाब करने लगी . मुझे ऐसा लगा की मैं बस स्वर्ग मैं ही पहुच गयी हूँ . मुझे इस तरह पेशाब करते हुए बहुत ही मज़ा आ रहा था. मुझे इस कंडीशन मेँ पेशाब करते हुए " निर्वाण " मिल चूका था . मैं हवा मेँ तैर रही थी .

इधर मैं स्वर्ग मेँ थी , उधर बाथरूम का दरवाजा खुला , और 3 औरतें बाथरूम मेँ दाखिल हुई . मुझे इस तरह स्टाल्स के बहार ही पेशाब करते हुए देख के वो तीनो आश्चर्यचकित रह गयी . भाभी ने तीनो को धीमे से बताया - बेचारी की किंडनी मेँ प्रॉब्लम है ! सुसु मेँ बहुत दिक्कत होती है , बेचारी को , सुसु के बाद इसको बहुत आराम मिलता है . तीनो औरतों ने मेरे से हमदर्दी जताई . इधर धीरे धीरे मेरे पेशाब ख़तम होने लगा . धीरे धीरे मेँ स्वर्ग से धरती पे आने लगी . अपने सामने उन् तीनो औरोतों को देख के मेँ पत्थर -की तरह वही बैठी रह गयी . मुझे समझ ही नही आ रहा था की मेँ करू क्या ?

मेरी बुर से अभी भी हल्का हल्का पेशाब निकल रह था . धीरे धीरे पेहसाब पूरा ख़तम हो गया . मैं अभी भी अपनी स्कर्ट कमर तक किये हुए इंडियन स्टाइल मेँ अपनी झांटों भरी बुर खोल के भाभी और उन् तीनो औरतो के सामने बैठी हुई थी.

2 मिनट्स तक जब मैं इसी तरह बैठी रही , तो भाभी आगे बढ़ी , और मेरी चड्डी निकलने लगी ,. मेने भी एक एक पावँ उठा के भाभी को अपनी चड्डी उतारने मैं मदद की . भाभी ने मेरी चड्डी उतार के मेरी ही चड्डी से मेरी बुर को साफ़ किया , और मुझे खड़ा किया . फिर उन्होंने मेरी स्कर्ट नीचे की . फिर मुझे बाथरूम के बहार लेके जाने लगी . मैं एकदम मशीन की तरह हो गयी थी , मेरा दिमाग ने काम करना ही बंद कर दिया था . भाभी जैसा मेरे से करवा रही थी , मैं वैसा ही कर रही थी . भाभी के साथ मैं आ के टेबल पे साक्षी के साथ बैठ गयी . मेरा दिमाग सुंन पड़ चूका था .

तभी वेटर आइसक्रीम का आर्डर लेके आ गया . जब वो आइसक्रीम टेबल पे रख चूका था , तो भाभी ने उसकी प्लेट मेँ मेरी पेशाब से भीगी नीली चड्डी डाल दी & उसको बहार फेंकने को कहा . वेटर मेरी गन्दी चड्डी , मुझे और भाभी को देखता ही रह गया , फिर मेरी चड्डी सबको दिखाते हुए लेके चला गया . मैं तोह शर्म के दलदल मेँ पूरी डूब चुकी थी . मेरी आँखों से आंसू बह रहे थे . मेने अपना चेहरा पूरा टेबल के नीचे तक झुका लिया था . साक्षी ने मेरी झंगहूँ पे हाथ रखके मुझे दिलासा दिया , धीरे धीरे मैं खुद पे कण्ट्रोल पाने लगी . थोड़ी देर मेँ, मैं काफी हद्द तक नार्मल हो चुकी थी . तब तक आइसक्रीम भी ख़तम हो गयी थी …

आइसक्रीम खाने के बाद भाभी ने हम सबके खाने के बिल का पेमेंट किया. फिर हम तीनो रेस्टोरेंट से बहार निकले. जैसे ही में बहार निकली , रात की हवा का ठंडा झोंका मेरी स्कर्ट में घुस कर मेरी बुर को ठंडा करने लगा. चलते चलते मुझे ठंडी हवा अपनी स्कर्ट के अंदर गरम बुर पे स्पर्श होने लगी. मुझे बहुत अच्छा लगने लगा. हम तीनो कार पार्किंग में गए, भाबी ने कार का डोर खोला , और भाबी ने ड्राइविंग सीट पकरि, मैं फ्रंट सीट पे भाभी के साथ बैठी. साक्षी पीछे वाली सीट पे बैठी. भाभी जब कार पार्किंग से कार ड्राइव करके सड़क पे कार ले आयी, तो मुझे मेरी स्कर्ट फिर से उन्होंने कमर तक करने को कहा. मैं मना करने लगी . फिर भाबी के डांटने पे मेने अपने चूतड उठा के अपनी स्कर्ट दोनों हाथों से कमर तक करली . फिर सीट पे बैठ गयी. जैसे ही मैं बैठी, मेरी नंगी चूतड , गीली बुर समेत कार की चमडे की सीट से टकराई. मुझे झटका सा लगा . धीरे धीरे कार ने रफ़्तार पकड़ ली, मुझे अच्छा लगने लगा . मैं आंख बंद करने रात की ड्राइविंग का मज़ा लेने लेगी. रास्ते मेँ एक शराब की शॉप पड़ी. भाभी ने कार रोकी, हमे कार मेँ ही रहने दिया. फिर वो कार से उतरीं, और शराब की बोतल्स खरीद के ५-७ मिनट मेँ ही जल्दी से लौट आयी. उन्होंने कार फिर से स्टार्ट की & इस बार उन्होंने कार तेजी से ड्राइव की और हम जल्दी ही हॉस्टल पहुच आये. मैं कार से उतरीं, अपनी स्कर्ट ठीक की & मैं , साक्षी & उसकी भाभी जल्दी ही अपने रूम मेँ आ गए.

रूम मेँ आने के बाद भाभी ने हमे फ्रेश होने को बोला. पहले मैं बाथरूम जाके हलकी हुई , फिर साक्षी बाथरूम जाके फ्रेश हुई. जब तक हम दोनों फ्रेश हो रही थी, भाभी ने साक्षी के लैपटॉप पे पोर्न मूवी लगा दी. फिर हमे बेड पे बुलाया. हम दोनों को ड्रिंक दी & पोर्न मूवी देखने को उन्होंने कहा. फिर वो भी बाथरूम मेँ फ्रेश होने घुस गयी. मैं साक्षी के साथ बेड पे बैठ के धीरे धीरे ड्रिंक सिप करते हुए लैपटॉप पे वो लेस्बियन ग्रुप सेक्स वाली पोर्न मूवी देख के गरम हो रही थी. भाभी जब तक बाथरूम से निकली , मैं पूरी गरम हो चुकी थी, मैं बार बार अपनी टाँगे खुद ही भींच रही थी. अब भाभी & साक्षी के सामने मैं अपनी बुर चियार के फ़िंगेरिंग थोड़ी ना करने लगती. भाभी हम दोनों की हालात देख के मुस्कुरायी , साक्षी की हालात तोह मेरे से भी ख़राब थी. उसकी ऑंखें पूरी लाल हो चुकी थी, चेहरा पूरा लाल पद चूका था, मुह खोल के वो सांस ले पा रही. मूवी लगभग १ घंटे चली. १ घंटे मैं हम तीनो की हालात एकदम ख़राब हो चुकी थी. मेरी चूत का पानी मेरी टांगों तक आ चूका था. जीन्स पे भी पीछे से काफी बुर का रस लगा हुआ था. साक्षी की हालात तो बहुत ही ख़राब हो चुकी थी. वो मेरे सामने ही बुर को स्कर्ट के ऊपर से ही मींजने लगी. भाभी ने देखा तो, साक्षी का हाथ जबरजस्ती पकड़ के हटाया & साक्षी को खुद पे कण्ट्रोल करने को कहा. फिर भाभी ने हमे १५ मिनट्स तक आराम करने की सलाह दी. हम दोनों बेड पे लेट गयी & गहरी सांसें लेती हुई आंख बंद करके आराम करने लगी.

लगभग आधा घंटे आराम करने के बाद भाभी ने हम दोनों को उठाया और हमे स्ट्रिप डांस करने को बोली. मैं बेड से उठी, मेरा सर चकरा रहा था. मुझपे शराब का नाश पूरी तरह हावी हो चूका था. किसी तरह मेने जमीन के पैर रखी. साक्षी शराब पीती थी, सो उसको शराब का उतना ज्यादा नशा नहीं था . वो काफी हद तक खुद के कण्ट्रोल मेँ थी. भाभी ने बस १ पेग ही शराब पि थी, सो वो सब चीज़ का डायरेक्शन कर रही थी.

भाभी ने लैपटॉप पे पहला सांग लगाया - निम्बोड़ा निम्बोड़ा ( हम दिल दे चुके सनम )

मैं साक्षी के साथ भाभी के सामने इस सांग पे डांस करने लगी. जैसे ही सांग मेँ ' निम्बोड़ा ' बोला जाता, साक्षी मेरी चुचिया दबा दबा के अपनी भाभी को दिखाती.इस सांग के ख़तम होते होते साक्षी ने अपनी टॉप & मेरी टॉप धीरे धीरे उतार के जमीन पे डाल दी. मेरा सर चकरा रहा था. मेँ बस थोड़ा थोड़ा कमर मटकाते हुए , गोल गोल घूम के किसी तरह से डांस कर पा रही थी. कहा क्या हो रहा था, कौन क्या कर रहा था, इन् सबका मुझे जरा भी होश नहीं था. भाभी मेरी कंडीशन को समझ गए. वो अपनी मोबाइल से मेरे को टॉपलेस गोल गोल नाचते हुए और कमर मटकाते हुए मेरी विडियो बना रही थी. सांग ख़तम होने के बाद भाभी ने हम दोनों को बेड पे बैठने को बोला, फिर हम दोनों को १-१ पेग शराब पिने को दी. मैं १ ही सांस मेँ पूरा पेग पि गयी. भाभी ने फिर से मुझे १ पेग बना के दिया. मैं उसको भी पीती चली गयी. जब तक साक्षी बस १ पेग पीती, मैं ३ पेग शराब गले के नीचे उतार चुकी थी. भाबी से फिर से हमे डांस को खड़ा होने को बोला.

इस बार भाभी ने सांग लगाया - चोली के पीछे ( खलनायक )

मैं साक्षी के साथ डांस करने लगी. धीरे धीरे इस सांग के ख़तम होते होते साक्षी ने खुद की & मेरी स्कर्ट उतार के जमीन पे साइड मेँ रख दी . मुझे तो कुछ भी होश नहीं था. भाभी और साक्षी जो जो मेरे से करवा रही थी, मैं बिना कुछ सोचे समझे करती जा रही थी. इधर भाभी मेरी स्ट्रिप डांस की विडियो & पिक्चर्स भी अपनी मोबाइल मेँ लेती जा रही रही थी.

अब अगले सांग्स भाभी ने भोजपुरी अश्लील सांग्स लगाए. मैं और साक्षी नंगी होती चली गयी. अंततः मैं और साक्षी कुछ ही मिनट्स मेँ भाभी के सामने पूरी नंगी खडी होके कमर मटका रही रही थी.

भाभी अब मेरे पास आयी और मुझे बेड पे लेटा दिया. फिर भाभी ने साक्षी से रस्सी मांगी . साक्षी रस्सी लेके आयी, फिर साक्षी और उसकी भाभी ने मेरे दोनों पाव बेड के दोनों तरफ से बाँध दिए & मेरे दोनों हाथ बेडपोस्ट से बांध दिए.

अब भाभी मेरे चेहरे के पास आके बैठ गयी , और उधर साक्षी मेरी दोनों टांगों के बीच आके बैठ गयी & मेरी बुर को निहारने लगी. भाभी ने मेरा मूँह खोला & मेरी मूँह मेँ अपना थूक डाल दिया. मुझे भाभी पे बहुत प्यार आ रहा था. मुझे उनसे अब प्यार होता जा रहा था, मैं भाभी की आँखों मेँ १ मिनट तक बिना पालक झपकाए देखती रही, मुझे उनपे इतना प्यार आ रहा था जिसका वर्णन शब्दोन मेँ नहीं किया जा सकता. १ मिनट तक मेँ भाभी का थूक अपने मूँह मेँ ही लिए रही & भाबी की आंखों मेँ देखती रही. फिर मेने भाभी की प्रेम के आगे खुद को समर्पण कर दिया. मैं भाभी की आंखों मेँ देखते हुए, उनका थूक गले के निचे गटक लिया. मुझे थूक गटकता देख भाभी बहुत खुश हो उठी, उनका चेहरा पूरा चमक उठा, उनकी ऑंखें चमक उठी. इधर साक्षी मेरी टांगों के बीच बैठ के मेरा और भाभी का खेल देख रही थी, और मेरी बुर के बालो को सहला रही थी.

भाभी का पहला थूक मुझे अमृत सा लगा. पहला थूक गटक जाने के बाद मेने फिर थूक के लिए मूँह खोल. भाभी ने फिर मेरे मूँह मेँ अपने मुंह से थूक डाला . इस बार मैं तुरंत ही भाभी का थूक गटक गयी. फिर मेने मूँह खोल के थूक की डिमांड की . भाभी ने इस बार मेरे मूँह मेँ कई बार थूका और मेरा मुंह पूरा अपने मीठी थूक से भर दिया. थूक इतना था की मैं इस बार उसे पिने के लिए मूँह ही नहीं बंद कर सकती थी. मेने इस बाद खुद ही अपना सर पीछे किया & गला ऊँचा किया & अपना गला अंदर से खोल दिया , धीरे धीरे भाभी का अमृत -थूक मेरे गले से होते हुए मेरे पेट मैं जाने लगा. मुझे भाभी का थूक गटकते हुए अमृत पिने जैसा आनंद आ रहा था. फिर फिर इसी तरह भाभी ने कई बार अपना थूक पिलाया और मैं बहुत प्यार से उनका थूक पीती चली गयी.

इधर साक्षी बहुत ही आश्चर्य से मुझे देख रही थी . मेँ तोह अपना सब कुछ भाभी को समर्पण कर चुकी थी, मगर भाभी के दिमाग मेँ कुछ और ही चल रहा था....​
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