Update 02

मैं खुद चुदाई की आग में जल रही थी ।

मंजु———-हरामी, बेटीचोद , बर्दाश्त करने बोल कौन रहा है ? लंड में दम नहीं है क्या ?

मेरी बात सुनते ही वह मेरे बग़ल में आया । अपना अंडरवियर उतारा और मैंने झट लंड को पकड़ लिया ।

मंजु ————- नहीं प्यारे , मेरी चूत को ऐसे मुसल जैसे लंड की आदत नहीं है । यह चूत को फाड़ देगा ।

विनोद के लंड से ज़्यादा मोटा था और कम से कम २ इंच ज़्यादा लंबा । मैं दोनों हाथों से लौडा को सहलाती रही । प्यारे ने ब्लाउज़ और ब्रा को बॉडी से बाहर निकाला । फटा फट साड़ी साया को बदन से अलग किया । मेरे पैरों को थोड़ा समेटा । मेरे घुटनों को उपर उठा कर चुदाई के पोज में किया । अंगुलियों से झॉटों के बीच चुत के फॉंक को फैलाया । लंड को सही जगह पर रखा और खुद अपने ही एक हाथ से लंड को पकड़ पूरी ताक़त से अंदर की ओर दबाया । विनोद तीन बार चोद चुका था लेकिन प्यारे का सुपारा चूत को खोल नहीं पाया ।

प्यारे—- मालकिन, आपका घरवाला नामर्द है क्या ?

मंजु दर्द से चीख उठी । उसे लगा कि उसके शरीर में एक तेज तलवार घुश रहा है। हाथ को लंड पर से हटाकर मेरे मुँह को बंद किया और एक के बाद एक पूरी ताक़त से धक्का मारता रहा।

दर्द से मेरी हालत ख़राब थी लेकिन मेरी समझ में आ गया कि मेरे पति का लंड मेरी चूत को ठंडा नहीं कर सकेगा । प्यारे के जैसा लंड ही उसे मर्द का पूरा सुख दे सकता है। विनोद का लंड मेरी चूत में घुसने बाला पहला लंड था लेकिन मुझे सुहाग रात की मस्ती का सच्चा आनंद विनोद ने पहली बार चोदा उसके छठे दिन रॉंची के होटल में ये मेरे बाप से दस साल बड़ा आदमी प्यारे दे रहा था ।

१०-१२ धक्का मारने के बाद ही पूरा ८ इंच लम्बा लंड मेरी प्यारी सी चूत में घुस पाया । लंड को अंदर दबाये रख प्यारे ने मुझे बहुत चुमा , अंग अंग को सहलाया । मेरा दर्द कम होने लगा और ८-१० मिनट बाद मैंने चुत्तरों को उपर की ओर उचकाया । प्यारे समझ गया । मेरे गालों और होंठों को सहलाते हुए आराम से धीरे-धीरे लेकिन पूरी ताक़त से पेलने लगा ।

मैं ने भी उसके गालों और खिचड़ी बालों को सहलाते हुए पहली बार प्यार से पूछा ।

“ प्यारे, तुम मुझे कमरे में अकेली देख सिर्फ़ चोदने ही आये थे ना ! “

प्यारे————- नहीं मालकिन, भगवान जानता है कि मुझे मालूम भी नहीं था कि आप कमरे में अकेली हो । मैं ने जो भी कहा एक एक शब्द सच है। आपको चोदने का ख़्याल तब आया जब कसी हुई जाँघों पर मेरा हाथ पड़ा । मालकिन, इस होटल में पॉंव साल से काम कर रहा हूँ लेकिन आप सिर्फ़ दूसरी ही औरत हो जिसे चोद नहीं रहा , प्यार कर रहा हूँ ।

चोदते हुए प्यारे ने अपनी पूरी राम कहानी सुनाई । यह भी कि दंगा के बाद वो अपनी बहु के साथ पति पत्नी जैसा रह रहा है। यह भी कहा कि उसकी बहु अपने ससुर के बच्चे को ही जन्म देना चाहती है लेकिन समाज के डर के कारण दोनों शादी नहीं कर सकते ।

मुझे उसका एक एक शब्द सच लगा।

मंजु ————- मैं ने भी तुमसे चुदवाने के लिए अंदर नहीं बुलाया था । मैंने सोचा था कि १०-१५ मिनट हाथ पॉंव की मालिश करना कर तुम्हें १००/- देकर भेज दूँगी । लेकिन उसी १०-१५ मिनट में तुम्हारे हाथ ने मेरे बदन पर ऐसा जादू कर दिया कि उस समय भी मुझसे पुछे बिना चूत में लंड पेल देते तो मैं मना नहीं करती । तुम्हें नहीं मालूम! कहने को मेरे पति ने मेरी पहली चुदाई की वह भी सिर्फ़ ५ रात पहले । उसने अब तक सिर्फ़ तीन बार ही मेरी चूत में अपना लंड पेला । पिछले २ दिन उसने मुझे नहीं चोदा , मैं ने चोदने नहीं दिया । भले ही कहने को उसने मुझे तीन बार पेला है लेकिन मेरी असल चुदाई अभी हो रही है , मेरा बाप मेरी चूत फाड़ रहा है । और जानते हो , तुम्हें विश्वास नहीं होगा । मेरे पति ने तीन बार चूत में लंड पेला है लेकिन तुम , मेरा बाप ही मुझे अपनी बेटी को सबसे पहले नंगा देख रहा है। विनोद ने मुझे नंगा किया लेकिन हमेशा अंधेरे में ही । बाबु जी बहुत मस्त कर रहे हो अपनी बेटी को ।

प्यारे ने भी मुझे बेटी कहना शुरू कर दिया ।

प्यारे—————बेटी , जब तुम्हारी उम्र का था तभी शादी हो गई। तुम अपने बाबू जी के लम्बे, मोटे लंड से इतनी खुश हो लेकिन मेरी घरवाली पहली चुदाई से लेकर अगले ३७ साल तक यही शिकायत करती रही कि मेरा लंड बहुत मोटा है उसे बहुत तकलीफ़ होती है। शादी के कुछ महीने बाद ही मुझे मालूम हो गया कि मेरी घरवाली प्रभा खाश खाश लोगों के साथ अपनी क़ीमत लेकर सोती है लेकिन मैंने उसे कभी नहीं टोका । उसे मेरी चुदाई पसंद नहीं थी फिर भी कभी उसने बूर में लौडा पेलने से कभी मना नहीं किया । अगले ३३-३४ साल तक मैं सिर्फ़ प्रभा को ही प्यार करता रहा । किसी दूसरी औरत को हाथ भी नहीं लगाया । ५ साल पहले के दंगा ने एक बहु को छोड़कर मेरा सबकुछ छीन लिया । मेरी दूसरी औरत मेरी बहु शीला है । उसके ही कहने पर इसी होटल में एक औरत को उसके घरवाला के सामने दो दिन लगातार चोदा । और आज मुझे भगवान ने मुझे मेरी सबसे बड़ी दौलत मेरी अपनी बेटी की जवानी दे दी ।

और उसके बाद बाप- बेटी ने हंसते खिलखिलाते हुए जमकर चुदाई की । जैसे ही प्यारे के लंड ने मेरी चूत में पानी गिराना शुरु किया मैं भी पूर्ण संतुष्ट होकर झड़ने लगी । उसने अपनी मज़बूत बाँहों में मुझे समेटा और मैं अपनी मुलायम बाँहों में उसे बॉंधने की कोशिश करने लगी । अचानक उसने अपनी बाँहों में लेकर पूरी ताक़त से मुझे दबाया । मुझे लगा कि मेरी सारी हड्डी पसली टूट गई । लेकिन डेढ़ दो मिनट बाद ही उसने अपनी पकड़ ढीली कि ।

और दोस्तों उसके इस हरकत ने मुझे मु्फ्त में ख़रीद लिया । मैं कुछ बोलती उससे पहले वही बोला ।

प्यारे————- मंजु बेटी अब मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकता । मेरी बहु शीला बहुत जवान है तो बिस्तर पर भी बहुत गर्म है । लेकिन इस से पहलें किसी के साथ ऐसा आनंद नहीं आया जो मंजु तुमने अभी दिया । मुझे अपने घर में नौकर रख लो ।

मैं उसकी बात सुन बहुत खुश हुई । चुदाई में इतना आनंद है कभी सोचा भी नहीं था । मैं खुद उस के साथ बार बार चुदवाना चाहती थी और मुझे एक ख़याल आया ।

मंजु ———— जैसे ५ साल पहले इसी होटल में पति के सामने पत्नी को चोदा था वैसे ही कल मेरे पति के सामने मुझे नंगा कर पहले मेरे पूरे बदन की तेल मालिश करो । इस झॉंट को साफ़ करो और उसके बाद जमकर चोदो । अगर तुमने कल भी आज जैसा मुझे खुश करोगे तो हर तीन चार महीने के बाद हम तुम और तुम्हारी बहु शीला ७-८ दिन रात लगातार चुदाई करेंगे । मेरे पति को कैसे तैयार करेंगे तुम जानो लेकिन अगर कल भी आज जैसा खुश नहीं किया तो सोच लेना कि तुम्हारी मंजु बेटी मर गई ।

बिना कुछ बोले प्यारे ने अपने कपड़े पहने और रुम से जाने लगा ।

मंजु —————- कल ९ बजे से पहले इस रुम में आओगे और पूरा समय मेरे साथ ही रहोगे । नीचे जाकर मैनेजर से बोलो कि मेरे लिए भात , माछ और दही भेज दे । एक बाप ने बेटी को चोद चोद कर जान ले ली ।

मैं नंगी लेटी रही और प्यारे दरवाज़ा को बंद करते हुए चला गया । मैं ने समय देखा । प्यारे ने चूत पर लौडा ११ बजे सटाया था और जब वह बाहर गया तो १२. ४० हो गया था । हरामी ने एक घंटा से ज़्यादा चोदा था । क़रीब २० मिनट बाद दरवाज़ा पर नॉक हुआ । तब तक मैं पूरे कपड़े पहन बिस्तर को ठीक कर दिया था ।

मैं ने दरवाज़ा खोला । मेरे ही उम्र का लड़का खाने का प्लेट लेकर खड़ा था । उसने प्लेट टेबल पर रख मेरी ओर देखा ।

वेटर ———— मालकिन, आप से ज़्यादा सुंदर और कोई हो नहीं सकती । प्यारे ने आपकी मालिश की ?

मंजु ———— कौन प्यारे कैसी मालिश ! क्या नाम है तुम्हारा । फ़ालतू बात कर रहे हो । अकेली लड़की देख मस्ती सुझ रही है , मैनेजर को बोल दूँ ।

लड़के ने अपना नाम कपिल बताया और कान पकड़े हुए बार बार माफ़ी माँगता रहा । मैं उससे बात करते हुए खाती भी रही। कपिल ने कहा कि वो अनाथ है और होटल में ही रहता है। यह भी बताया कि इस होटल में ज़्यादा तर लोग अपने साथ रंडियों को लेकर आते हैं । कपिल के अनुसार मेरे जैसी घरेलू औरतों कों कमरे में अकेली नहीं रहना चाहिए । मैं क्या वोलती । अकेली रहने में क्या मज़ा है मैं देख चुकी थी । ख़ाली प्लेट लेकर जाते समय उस ने फिर कहा कि मैं बहुत ही सुंदर हूँ ।

मैंने दरवाज़ा को अंदर से बंद नहीं किया, बिस्तर पर लेट गई और कब सो गई मालूम नहीं ।

शादी के १५ वें दिन राँची के एक होटल में बाबूजी से भी १०-१२ साल बड़े उम् के एक आदमी प्यारे ने दिन दहाड़े मुझे चोद कर अपना गुलाम बना लिया । तब तक मैं ने पति से तीन बार ही चुदवाया था । मैं ने विनोद से तीनों बार बिल्कुल अंधेरे में चुदवाया था और प्यारे ने दिन दहाड़े मुझे चोद चोद कर पागल कर दिया था । तीनों बार की चुदाई में सब मिलाकर जो समय लगा होगा प्यारे ने एक चुदाई में उस से ज़्यादा समय लिया । मैं ने उस से अगले दिन आकर विनोद के सामने मालिश के साथ चुदाई के लिए बुलाया लेकिन वो बिना कुछ बोले रूम से चला गया ।

मैं बहुत खुश थी । बिस्तर ठीक किया । नहा धोकर दूसरा कपड़ा पहना । तभी दरवाज़ा पर दस्तक हुई ।

मैं ने दरवाज़ा खोला । मेरे ही उम्र का लड़का खाने का प्लेट लेकर खड़ा था । उसने प्लेट टेबल पर रख मेरी ओर देखा । मैं ने लड़के को ध्यान से देखा । मुझसे तीन - चार इंच लंबा था । देखने में खूबसूरत था ही , मुझे उसका गठीला बदन बहुत पसंद आया । प्यारे ने सिर्फ़ मेर चूत में ही खलबली नहीं मचाई, मर्द को देखने का नज़रिया ही बदल दिया । मैं इस लड़के को देख सोचने लगी कि इसका लौडा कैसा होगा ?

वेटर ———— मालकिन, आप से ज़्यादा सुंदर और कोई हो नहीं सकती । प्यारे ने आपकी मालिश की ?

प्यारे का नाम सुन दिल तो धक किया ही चूत भी गीली हो गई । मुखिया की बेटी थी । डरना सीखा ही नहीं था । तभी तो एक अनजान आदमी को कमरे में आने दिया था । मैं ने लड़के को आँख दिखाया ।

मंजु ———— कौन प्यारे कैसी मालिश ! क्या नाम है तुम्हारा । फ़ालतू बात कर रहे हो । अकेली लड़की देख मस्ती सुझ रही है , मैनेजर को बोल दूँ !

लड़के ने अपना नाम कपिल बताया और कान पकड़े हुए बार बार माफ़ी माँगता रहा । मैं उससे बात करते हुए खाती भी रही। कपिल ने कहा कि वो अनाथ है और होटल में ही रहता है। यह भी बताया कि इस होटल में ज़्यादा तर लोग अपने साथ रंडियों को लेकर आते हैं । कपिल के अनुसार मेरे जैसी घरेलू औरतों कों कमरे में अकेली नहीं रहना चाहिए । मैं क्या वोलती । अकेली रहने में क्या मज़ा है मैं देख चुकी थी । ख़ाली प्लेट लेकर जाते समय उस ने फिर कहा कि मैं बहुत ही सुंदर हूँ ।

मैंने दरवाज़ा को अंदर से बंद नहीं किया, बिस्तर पर लेट गई और कब सो गई मालूम नहीं ।

मंजु सो गई अब विनोद की ज़ुबानी सुनिये आगे की कहानी ।

मंजु रुम में अकेली थी लेकिन मुझे उसकी चिंता नहीं थी । मुझे साक्षात्कार के लिए जब बुलाया गया उससे पहले ७ लोगों का साक्षात्कार हो गया था । सभी १० मिनट के पहले बाहर आ गये थे । मेरा साक्षात्कार ३० मिनट से ज़्यादा चला । जब मैंने उन्हें बताया कि मेरी शादी १५ दिन पहले ही हुई है तो एक ने कुरेद कुरेद कर मंजु के बारे में पूछा । मैं ने उनसे कह दिया कि अभी १८ साल की है, उसका फ़िंगर ३२, २२ और ३४ इंच है , देखने में बहुत सुंदर और आकर्षक है ।

मंजु के बारे में सबकुछ जानने के बाद उन्होंने कहा कि १५ दिन के अंदर साक्षात्कार का रिज़ल्ट आ जायेगा । मुझे लगा कि ये बढिया नौकरी मुझे मिल जायेगी । दोपहर का एक से ज़्यादा हो गया था तो होटल आते हुए मैंने खाना खा लिया । वापस आया तो होटल बालों ने बताया कि मंजु ने खाना खा लिया है।

कमरे के पास आया तो देखा कि कमरे का दरवाज़ा पुरा बंद नहीं है । दरवाज़ा को थोड़ा ही खोला तो दिल धक् सा हो गया । मंजु पुरे कपड़े पहन सो रही थी लेकिन जो चीज़ सबसे पहली दिखाई दी वो था मंजु की चिकनी जाँघें और चूत । झॉंट तो थे फिर भी चूत की फॉंक दिख रही थी । मैंने दरवाज़ा को वैसा ही खुला रहने दिया जैसे पहले था ।

रुम के बाहर आया । थोड़ा ही देर बाद एक वेटर दिखाई दिया । मैंने उसे जल्दी २ कप चाय लाने कहा । मैं रुम के अंदर आया लेकिन दरवाज़ा को वैसा ही थोड़ा खुला रहने दिया । मालूम नहीं क्यों मैं चाहता था कि दूसरे भी मंजु की मस्त नंगी जवानी को देखे। जब तक मैं मुँह हाथ धोकर पायजामा कुर्ता पहना वही वेटर चाय का ट्रे लेकर अंदर घुसा । उसकी नज़र भी सबसे पहले वहीं गई जहां मेरी नज़र गई थी । वो एक मिनट वहीं खड़ा हो देखता रहा । उसने धीरे से दरवाज़ा को पुरा बंद ही नहीं किया टेबल पर ट्रे रख अंदर से कुंडी भी लगा दी । वो मंजु के पॉंव के पास बैठा और साफ़ शब्दों में कहा.

“ साहब, आपकी पत्नी की चूत सबसे प्यारी है। “

विनोद——— लगता है कि तुमने बहुत औरतों को नंगा देखा है।

ये लड़का कपिल १८-१९ साल का था । चेहरे में मासूमियत थी लेकिन मज़बूत क़द काठी का लग रहा था ।

कपिल ———- हॉ साहब , रोज़ ही ५-६ नंगी औरतों को देखता हूँ । आज ये दूसरा चूत है जो मैं देख रहा हूँ ।

विनोद— कौन सी औरतें , कहॉं कैसे देखते हो।तुम उन्हें चोदते भी हो ?

मैं बोल रहा था और उसके दोनों हाथ मंजु के टॉंगों पर उपर की ओर फिसल रहे थे। यह देख मुझे ग़ुस्सा आना चाहिए था लेकिन कोई मेरी ऑंखें के सामने मेरी खुबसूरत पत्नी की नंगी जवानी को देख ही नहीं रहा था छू भी रहा था , मुझे बहुत ही बढ़िया लग रहा था , आनंद आ रहा था ।

कपिल—————- नहीं साहब अभी तक मेरा लौडा कुंवारा है , किसी बूर में नहीं घुसा है। इस होटल में रोज़ कई रंडियॉं आती हैं । वे अक्सर नंगी ही रहती है। बहुत से लोग जो रंडियों को लेकर आते हैं मुझसे उन रंडियों की चूची मसलवाते हैं , बहुतों ने मेरा लौडा भी चुसा है लेकिन जब चोदने की बात करता हूँ सभी कम से कम ५००/- माँगती है और मुझे यहाँ सिर्फ़ महिना में ३००/- ही मिलता है।आज सुबह से ये दूसरी माल है जिसकी चूत देख रहा हूँ । ज़्यादातर रंडियॉं शाम के बाद आती है। वैसे मैं किसी रंडी को चोद कर चुदाई की शुरुआत नहीं करना चाहता हूँ । मेरी इच्छा है कि मेरा लौडा सबसे पहले ऐसी ही , आपकी पत्नी जैसी घरेलू औरत की चूत में ही घूसे । साहब भगवान आपको बहुत तरक़्क़ी देंगे , बहुत धन दौलत देंगे । आज मुझे अपनी खुबसूरत पत्नी को चोद कर चुदाई की शुरुआत करने दीजिए ।

इस वेटर ने खुलकर मेरी पत्नी को चोदने की बात की । मंजु को तीन बार चोदकर जो आनंद आया था उससे ज़्यादा मज़ा मुझे कपिल की बातें सुनकर उसकी हरकत देख कर आ रहा था ।

विनोद ———— मंजु अगर तुमसे चुदवाने को तैयार हो जाये तो मेरे सामने ही चोद लो । कोई क़ीमत नहीं लुंगा।

में ने अपने से ४ साल छोटे लड़के को अपनी पत्नी को चोदने की छूट दे दी । अब देखना था कि लड़का मंजु को कैसे पटाता है !

मंजु की टॉंगे मेरी तरफ़ थी । कपिल जो कर रहा था मुझे सब दीख रहा था । जाँघों को सहलाते सहलाते कपिल का हाथ चूत पर चला गया था । एक हाथ से जाँघ को और दूसरे हाथ से चूत को सहलाते हुए मसल रहा था । कुछ ही देर बाद मंजु की मस्ती भरी सिसकारी, उफ्, आह् सुनाई परने लगी । कुछ ही देर बाद मंजु की आँख खुली और वो झट वो दोनों पैरों को समेट सीधा बैठ गई ।

मंजु —————- ये क्या कर रहे हो मुझे बिलकुल बढिया नहीं लगा । और विनोद, तुम्हें दिखाई नहीं दे रहा कि कोई तुम्हारे सामने तुम्हारी पत्नी की चूत को मसल रहा है । तुमने इसे मारा क्यों नहीं ?

लेकिन मंजु ने कपिल के हाथों को अपनी बूर के उपर से नहीं हटाया ।

मैं क्या बोलता ! मुस्कुराता रहा । कपिल में बहुत हिम्मत थी । तीन सालों से रंडियों के नंगे बदन से खेल रहा था । अपने सामने रंडियों की चुदाई देखता था ।

कपिल———— मालकिन, आपको बढिया लगेगा कैसे ! आपने इतने कपड़े पहने है कि मैं जो करना चाहता हूँ नहीं कर सकता । आप सारे कपड़े उतार कर मुझे ५ मिनट मौक़ा दीजिए फिर आप खुद ही मुझे बार बार करने बोलेंगी ।

कपिल और विनोद ने ३-४ मिनट मंजु की मस्ती भरी सिसकारी सुनी थी । मंजु को खुद बहुत मज़ा आ रहा था। । वो अपने पति को सामने बैठा देख चौंक गई थी । अगर विनोद नहीं होता तो वे खुद अब तक कपिल को चोदने के लिए बोल चुकी होती । मंजु ने यह भी ध्यान दिया कि प्यारे ने एक घंटा से ज़्यादा बदन सहलाने के बाद चुदाई की बात की जब कि ये लड़का आते ही चूत को सहलाने लगा था । मंजु ने सोचा कि कुछ घंटा पहले ही अपने बाप से १० साल बड़े आदमी से चुदवा कर चुदाई का असल मज़ा लिया था तो अब क्यों न अपने ही उम्र के लड़के के साथ पूरी मस्ती ली जाय वो भी पति के सामने ।

मंजु ———- जब मेरा घरवाला खुद अपनी पत्नी को दूसरे के सामने नंगा देखना चाहता है तो ५ नहीं तुम्हें १० मिनट का समय देती हूँ मुझे पूरा गर्म करने के लिए । इतना गर्म करो कि मैं खुद तेरा लंड पकड़ चूत में ले लु। लेकिन याद रख अगर मैं गर्म नहीं हुई तो अपने सामने साहब से तेरी गॉंड मरबाउंगी ।

कपिल ने फिर कपड़ों के अंदर हाथ घुसाकर चूत से खेलना शुरु कर दिया था ।

कपिल——- ——— और अगर मैं ने आपको खुश कर दिया तो !

मंजु —————— तो रात भर मैं तुम्हारी घर बाली रहुंगी, साहब को रात भर के लिए किसी अपनी दूसरी रंडी के पास भेज देना ।

मंजु की बात सुन कपिल बहुत खुश हो गया । चूत को मसलते हुए मेरी ओर देखा ।

कपिल ————— साहब, आप जल्दी नीचे जाकर मैनेजर से बोलिए कि आपको कपिल से बदन की मालिश क़रबानी है नहीं तो वो खुद मुझे बुलाने आ जायेगा । आप जाइए तब तक मैं आपकी पत्नी को अपनी रानी बनाता हूँ । जल्दी जाइए ।

उस समय कपिल को मंजु को चोदना था इसलिए अपने को कंट्रोल कर रहा था नहीं तो अपनी पत्नी को दूसरे के सामने नंगा करने के कारण विनोद की जान ले लेता । विनोद देखता रहा और कपिल ने साड़ी साया बाहर निकाल दिया । चूत को मुँह में लेकर चूसा । मंजु ने खुद ब्लाउज़ बाहर निकाल दिया । मंजु बिलकुल नंगी थी ।

कपिल ———- जाइए साहब जल्दी नहीं तो मैनेजर यहॉं आ जायेगा और आपकी पत्नी को नंगी देख मेरे साथ वो भी चोद लेगा ।

मंजु एक साथ २ आदमियों के साथ मस्ती लेती तो मुझे और बढिया लगता लेकिन मैं बाहर आ गया ।

विनोद के बाहर जाते ही ,

कपिल ———— रानी , आपके घरवालों ने कैसे घटिया आदमी से आपकी शादी कर दी है , मैं किसी क़ीमत पर , मर जाता लेकिन अपने घर की किसी भी औरत को दूसरे के सामने नंगा नहीं होने देता ।

मंजु उसके बात से इतनी खुश हुई कि उसे खींच गले लगाया । गालों, होंठों को चुमते हुए कपिल को नंगा करती रही । लंड को हाथ में लिया ।

मंजु ———— राजा , लंड पूरा तैयार है । बाक़ी काम बाद में करना अभी अपनी रानी के भूखी चूत की प्यास बुझा दे।

कपिल ने अपना पोज़ीशन लिया । मंजु ने लौडा को पकड़ चूत पर दबाया और कपिल भी पूरी ताक़त से धक्का लगाता रहा ।

मैं मैनेजर को बोल कर वापस कमरे में आया तो देखा कि कपिल का लौडा खुब तेज़ी मंजु के चूत के अंदर बाहर हो रहा है। चूचियॉं भी उतनी ही तेज़ी से उपर नीचे हो रही थी । मैं ने एक चूची पर हाथ रखा ही था कि कपिल ने झटके से मेरे हाथ को हटा दिया । ज़ोर से बोला ,

कपिल————- साहब, आप को अगर अपने घर की औरतों को दूसरों से चुदवाते देखना बढिया लगता है तो बैठ कर देखिए । याद रखिए, मैं जब भी इस कमरे में रहुंगा तो आपकी पत्नी सिर्फ़ मेरी रानी रहेगी । कोई भी दूसरा , आप भी मेरी रानी को हाथ नहीं लगायेंगे ।

कपिल की बात सुन मंजु बहुत ही ज़्यादा खुश हुई । कपिल को अपनी दोनों बाँहों और दोनों जॉंघॉो के बीच इतना कस कर जकड़ लिया कि कपिल धक्का नहीं मार सका ।

कपिल—————— मेरी रानी सिर्फ़ देखने में सुंदर नहीं बहुत ताक़त भी है ।

मंजु को याद आया कि उसने कई बार प्यारे को भी ऐसा बांधने की कोशिश की थी लेकिन नहीं कर पाई थी । उसी पोज़ीशन में दोनों ने एक दूसरे को बहुत चुमा फिर पकड़ ढीली की । दोनों एक दूसरे से चिपक कर चुदाई कर रहे थे । यूँ तो कपिल की यह पहली चुदाई थी लेकिन उसने पचासों बार चुदाई देखी थी । मंजु लगातार मस्ती भरी सिसकारी मार रही थी और उसकी सिसकारी मुझे बहुत ही गरम कर रही थी ।

आख़िर दोनों झंडे और जैसा प्यारे के चूत में पानी गिराने पर हुआ था फिर वैसा ही हुआ । मंजु पूर्ण रुप से संतुष्ट हो गई थी । दोनों ने एक दूसरे को बहुत चूमा तब दोनों नीचे आकर खड़े हो गये । मैंने उस समय जो मंजु के चेहरे पर ख़ुशी और संतुष्टि देखी वैसा पहले कभी नहीं देखा था ।

कपिल का लंड चूत के रस और अपनी ही पानी लथपथ था । मंजु ने लंड को पकड़ कर कहा -

मंजु —————- विनोद, तुम भी बहुत बढिया चुदाई करते हो , मुझे खुश करते हो लेकिन मुझे ये लौडा भी बहुत पसंद आया । तुम मुझे जो कहोगे जैसा कहोगे, जिस किसी के साथ भी सोने बोलोगे , अपने बाबू जी से चुदवाने बोलोगे तो चुदवा लुंगी लेकिन ये लौडा, कपिल मुझे रोज़ चाहिए । कुछ सोचो ।

मंजु अपने पति से तरीक़ा पूछ रही ही कि अपने ही उम्र के लड़के से , जिसने उसे पहली ही बार चोदा था उससे बार बार चुदवा सके । कपिल की यह पहली ही चुदाई थी लेकिन मैं देखकर भी विश्वास नहीं कर पा रहा था कि लड़के ने ४० मिनट से ज़्यादा चोदा । उनकी लंबी चुदाई देख मैं भी नंगा हो गया था ।

मैंने मंजु को अपने लंड पर बिठाया । चूची मसलने लगा।

विनोद———-मंजु, अगर तुम्हारा ये नया पति अपने सामने तुम्हें चोदने दे , तुम्हारी गॉंड मारने दे तो तुम दोनों की ज़िंदगी भर की चुदाई करते रहने का रास्ता मेरे पास है।

मंजु ने मेरी गोदी में बैठे हुए ही कपिल का हाथ खिंच अपनी चूची पर दबाया ।

मंजु ——— लगता है कि तुम सिर्फ़ मुझे एक रंडी समझ कर ही चोद रहे थे तुम्हें मुझसे कोई प्यार नहीं ।

कपिल की आॉंखो में आॉंसू आ गये । उसने मंजु के गालों और होंठों को चुमा ।

कपिल————- रानी , ऐसा मत बोलो । तुम मुझे दुनिया की हर चीज से ज़्यादा प्यारी हो लेकिन मैं बर्दाश्त नहीं कर पाउंगा कि मेरे आॉंखॉो के सामने तुम्हें कोई हाथ लगाए ।

मंजु मेरी गोदी में थी । मंजु ने कपिल को अपनी गोदी में बिठाया । लंड को सहलाने लगी ।

मंजु ———- तुम पागल हो । ये विनोद कोई दूसरा आदमी नहीं मेरा घरवाला है । समाज के सामने हमारी शादी हुई है। तुम चाहो या ना चाहो विनोद जब भी मुझे चोदना चाहेगा , गॉंड मारेगा तो मरबाना ही पड़ेगा । उल्टा तुम्हें ही विनोद को प्रणाम करना चाहिए, इसका लौडा चुसना चाहिए कि इसने तुम्हें अपनी पत्नी को प्यार करने दिया , चोदने दिया । तुम ही सोचो जब तुम दोनों एक साथ मुझे प्यार करोगे, चोदोगे तो तुम्हारी रानी को कितना मज़ा आयेगा !

रुम में कुछ देर चुप्पी रही । थोड़ी देर बाद कपिल खड़ा हुआ। मंजु के गालों को पकड़ होंठों को चूसा । फिर उसने झुक कर मेरा दोनों पैर पकड़ लिया ।

कपिल ———— साहब , आप लोग सुबह होटल में घुसे तभी मुझे आपकी पत्नी, अपनी रानी को देखते ही मुझे प्यार हो गया । लेकिन आपने अपनी पत्नी को अपने ही सामने दूसरे से चुदवाने दिया वो मुझे बहुत ख़राब लगा । इसीलिए में ने आपको अपनी रानी को छुने और चोदने से मना किया । लेकिन मैं किसी भी पति को चाहे बह कितना भी घटिया आदमी हो अपनी पत्नी को चोदने से नहीं रोक सकता । मंजु जितनी मेरी है उससे ज़्यादा आपकी है। वादा कीजिए कि हम दोनों के अलावा अपनी मंजु को कोई और हाथ नहीं लगायेगा ।

मंजु खड़ी हो गई । कपिल को भी खड़ा किया । उसके एक हाथ को चूत पर दबाया ।

मंजु ———- राजा , ये मंजु बस तुम्हारी ही माल है तु जैसा चाहेगा तेरी माल वैसे ही रहेगी। बहुत देर हो गया है , अगर मैनेजर आ गया तो वो भी तेरी माल को चोद लेगा । जल्दी बाहर जा । हमारे लिए गरमा गरम चाय भेज और रात दस बजे आ जाना । तेरी रंडी चूत फैला कर तेरे लौडा का इंतज़ार करती मिलेगी । पूरी रात सिर्फ़ हम दो राजा रानी । अपने साहब के लिए रात भर के लिए बढिया रंडी खोजकर रखना ।

कपिल खुश होकर चला गया । कुछ ही देर बाद एक दूसरा वेटर चाय लेकर आया । लेकिन दरवाज़ा पर आहट सुनते मंजु बाथरूम में चली गई । मैं नंगा ही बैठा था ।

“ साहब, आपका लौडा बहुत बढ़िया है , मैं बाहर आपका इंतज़ार कर रहा हूँ । “

वो चाय रख बाहर गया । एक तौलिया लपेट मैं बाहर गया और २-३ मिनट बाद ही अंदर आकर दरवाज़ा को अंदर से बोल्ट किया था । उस समय साढ़े चार ही बजा था ।

बाहर वेटर ने कहा कि होटल में एक बहुत ही बढ़िया माल है जिसे आप जैसे खुबसूरत और मज़बूत आदमी ही पसंद है । वह आपसे मिलना चाहती है , रात १० बजे आ जाइयेगा । उसने मुझे कमरा नंबर बताया । मेरा जबाब सुने बिना वह चला गया ।

मंजु नंगी ही बाथरूम से बाहर आई । मैं ने गोदी में बिठाया । हम दोनों चाय पीने लगे ।

विनोद—— मंजु क्या तुम सच अब किसी और से नहीं चुदवाओगी?

मंजु —- में पागल हूँ क्या ? मुझे नहीं मालूम था कि तुम मुझे इतना प्यार करते हो । तीन बार चोदकर ही तुम समझ गये थे कि मेरी चूत कितनी भूखी है , नये नये लंड की प्यासी है। तुम जब जिस के पास भेजोगे उसे खुश कर दूँगी । तुमने अब तक तीन बार ही चूत में लौडा पेला , मैं हर बार खुश हुई । कपिल का लंड देख कर ही समझ गई कि मैं उसकी पहली माल हूँ । हर बार तुमने २०-२२ मिनट ही चोदा लेकिन इस लड़के ने पहली बार में ही ४० मिनट से ज़्यादा चोदा , मस्त कर दिया लेकिन बीच बीच मुझे नया मर्द और मेरी चूत को नया नया लौडा चाहिए ।

चाय पीते हुए दूसरे हाथ से चूत में अंगुली करता रहा ।

विनोद—— रानी , तुम्हें जब भी कोई मर्द पंसद आ जाय तो मुझे बोलना जितना जल्दी होगा उसे तुम्हारे पास लेकर आऊँगा । मेरे पीछे भी जिससे चाहो मस्ती लो लेकिन अगर मेरे सामने किसी से मस्ती मारोगी तो मुझे बढिया लगेगा ।

मंजु —— अगर मेरा ससुर अपनी बहु को चोदना चाहे या फिर मेरे बाबू जी अपनी बेटी की गॉंड मारना चाहे तो …….

विनोद——- अपने सामने तुम्हें उन से चुदवाऊँगा ।

मंजु ——- अभी पहले मेरी गॉंड में लौडा पेलो । मैं नहीं चाहती कि कोई बहुत मोटा लंड मेरी गॉंड की हालत ख़राब कर दे ।

मेरी १८ साल की पत्नी खुद गॉंड मारने बोल रही थी , फिर मैं क्यों पीछे रहता ।

मंजु बेड पर कुतिया के पोज में हो गई । मैं चुत्तरो को सहलाने लगा । मस्त कड़क चुत्तर को सहलाना बहुत बढिया लग रहा था । मंजु ने ऐसा पोज बनाया था कि चूत की घुंडी से लेकर गॉंड का छेद तक साफ़ दिख रहा था । कई बार अंगुली से चूत से गॉंड तक खूब रगड़ा । पहली बार चूत में मुँह लगाया । चाटा, बढिया लगा । चुत्तरों को दोनों हाथों से फैलाये हुए चूत से लेकर गॉंड तक खुब चाटा । मंजु ज़ोर ज़ोर से सिसकारी मारने लगी । बीच बाली अंगुली से चूत का रस निकाल कर गॉंड के छेदा के अंदर पेलने लगा ।​
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