Update 06
मैं मंजु , आपको आगे की कहानी सुनाती हूँ ।
विनोद जब मुझे देखने आय था तभी मुझे बहुत पसंद आ गया था । ससुराल आई तो विनोद से ज़्यादा मुझे उसके बाबू जी “विजेंद्र बहुत पसंद आ गये । उन्हें पटाने की कोशिश करती या चुदवाती हम तीन चर दिन के लिए मैं विनोद के साथ राँची आ गई । विनोद ने मेरी चूत फाड़ी, लड़की से औरत बनाया , तीन बार चोद। . सच कहीं ही बहुत ही बढ़िया लगा था । लेकिन जब होटल के एक कमरे में प्यारे ने चोदा तो बहुत ही ज़्यादा ही बढ़िया लगा । प्यारे की लंबी और मस्त चुदाई ने मंजु को सिर्फ़ शारीरिक और मानसिक सुख ही नहीं दिया , स्त्री और पुरुष के रिश्ते को देखने का नज़रिया ही बदल दिया । बाद में जब विनोद ने अपने सामने मंजु के ही उम्र के एक वेटर से चुदवाया तो उसे वो कपिल ही मंजु को अपना घरवाला लगने लगा । कपिल की चुदाई से वह इतनी खुश हुई कि खुद ही विनोद से गॉंड मरवाया । कपिल से कहा कि विनोद को रात भर किसी दूसरी रंडी के पास भेज कर कपिल पूरी रात उसे चोदे । सिनेमा देखते समय एक अनजान आदमी के साथ पूरी बेशर्म होकर मस्ती मारी । रात में कपिल से आ बार चुदवा कर उस अनजान आदमी से भी चुदवाया । सुबह एक नये वेटर के साथ विनोद के सामने चुदवाया । जैसा मंजु ने कहा था प्यारे अपने समय पर कमरे में आ गया । मंजु बहुत ही खुश थी । आपने पढ़ा कि विनोद की मालिश करने के बाद प्यारे ने मुझे चोदा । अपनी चूत से निकले प्यारे के लौडा को मैंने विनोद से चुसवाया । विनोद ने ख़ुशी ख़ुशी मेरे सामने प्यारे के लौडा को चूसा और चाटा । बाद में उसने कहा कि प्यारे जैसा ज़्यादा देर तक और पूरी ताक़त से जो भी मुझे चोदेगा वह सबका लौडा तुलेगा और उन सबका लौडा का रस भी पियेगा ।
मैं सोच रही थी कि अपनी चूत से निकले लौडा को विनोद से चुसवा कर उसकी बेइज़्ज़ती करुंगी लेकिन विनोद खुद सबका लौडा चूसने को तैयार था । और अचानक विनोद ने प्यारे से उसका ( विनोद) का लौडा चूसने को कहा ।
विनोद—— काका , तुमने कहा था कि मेरी पत्नी को नंगा देखोगे तो मैं जो भी कहूँगा तुम सब करोगे , मेरा लौडा चूसोगे । अब अगर तुम अपनी इस बेटी की नंगी जवानी से फिर खेलना चाहते हो तो तुम मेरा लौडा चूसो और तब तक चूसतेरहो जब तक यह पुरा टाईट न हो जाए । और मंजु तुम भी दिखाओ कि तुम कैसे लौडा चूसती हो । तुम प्यारे का लौडा चूसो और प्यारे मेरा लंड चूस कर टाईट करेगा ।
विनोद की आवाज़ में मैं ने इतना लड़कपन पहले नहीं सुना था । २ मिनट में और प्यारे वैसे ही बैठे रहे ।
अब आगे ——
मंजु -
मुझे प्यार करते रहने के लिए प्यारे कुछ भी करने को तैयार था । जैसा विनोद ने कहा था प्यारे ने क़रीब २० मिनट विनोद का लंड चूसा और लौडा फनफनाते लगा । मेरे मुँह में प्यारे का लंड था जो १०-१२ मिनट में ही पत्थर जैसा कड़क हो गया था ।
विनोद——— प्यारे , अभी १२ ही बजा है , हमारे पास एक- डेढ़ घंटा समय है । पहले अपनी मंजु बेटी की झॉंट साफ़ कर दो उसके बाद तुम एक बार इसकी , अपनी बेटी की गॉंड का भी मज़ा लेना । मैंने पिछली शाम काफ़ी देर तक इस प्यारी रंडी की गॉंड मारी थी ।
विनोद अब हमारी बात सुन नहीं रहा था बल्कि वो अब हमें आर्डर दे रहा था । विनोद के बात मानने के अलावा मेरे पास कोई और रास्ता नहीं था । ख़ासकर मैं नहीं चाहती थी कि मेरी किसी बात से विनोद मुझे नये नये मर्दों से चुदवाना बंद करा दें। दो दिन में एक से एक बढिया लंड, मस्त चुदाई की मस्ती को में खोना नहीं चाहती थी । प्यारे. कपिल, राजीव और अफ़ज़ल के बाद मुझे कोई और नया मर्द, उसका लौडा और चूदाई चाहिए थी ।
मैं प्यारे के गोद में ही थी । विनोद ने पाजामा और कुर्ता पहना । एक हाथ से मेरी चूत और दूसरे हाथ से प्यारे के लंड को दवाया ।
विनोद———-तुम दोनों इतनी लंबी चुदाई कर थक गये होंगे । रानी तुम झॉंट साफ़ करवाओ, मैं कुछ खाने पीने का बोल कर आता हूँ । कोई भी वेटर आये, दोनों ऐसे ही नंगा रहना , झॉंट साफ़ करते रहना ।
दरवाज़ा पूरा खुला छोड़ विनोद बाहर चला गया ।
प्यारे ने दरवाज़ा को बंद किया । कुछ हेर मेरी चूचियों और ओठों को चूसा ।
प्यारे—— रानी बेटी , तैयार रहो , तुम्हारा पति तुम्हें हर रोज़ नया नया आदमियों के सामने नंगा करेगा ।
मंजु ———- दूसरा कोई मुझे नंगा देखे या ना देखो तुम मुझे रोज़ ऐसे ही प्यार करते रहो । जैसा उसने कहा , आज ही अपनी बहु को इस हरामी से चुदवा दो और जल्दी से मेरे ससुराल आ जाओ। इस नामर्द के सामने इसकी दोनो खुबसूरत जवान बहनों और इसकी ४०-४१ साल की मस्त मॉं को तुमसे चुदवाऊँगी और हर रात तुम्हारी बाँहों में सोउंगी । जल्दी से झॉंट साफ़ करो और मेरी गॉंड को भी अपने मस्त लौडा का मज़ा दो ।
प्यारे झॉंट साफ़ करने में जुट गया । प्यारे चुत पर दूसरी बार क्रीम लगा रहा था कि एक नये वेटर को साथ लेकर बिना दरवाज़ा पर नॉक किये विनोद अंदर घुसा ।
एक नये आदमी ने मुझे नंगा देखा वो भी एक दूसरे आदमी के साथ । हम दोनों के नंगा देख वो आदमी ज़रूर समझ गया होगा कि हमने चुदाई की है।
नया वेटर —- प्यारे काका , दुनिया में आप शायद अकेले आदमी मी हो जो औरत के पूरे बदन की की मालिश करते हो, झॉंट साफ़ करते हो फिर भी उसे चोदते नहीं । मैं तो समझता था कि आप नामर्द हो लेकिन आपका लौडा देखकर ऐसा लगता नहीं । बहुत ही मस्त लौडा है आपका । और मैं ने इससे पहले कभी कहीं इतनी खुबसूरत औरत नहीं देखी । अभी साहब १५-२० मिनट नीचे थे । आपकी जगह कोई भी दूसरा होता , मैं होता तो जवरदस्ती भी इस मस्त माल को चोद लेता । आप नंगे हो . कितनी देर से मस्त बूर पर आपका हाथ है फिर भी लौडा को आपने कंट्रोल में रखा है और मेरी हालत देखिये ।
हम देखते रहे और एक मिनट के अंदर उसका पैंट और अंडरवियर नीचे था । मेरी आॉंखों के सामने एक नया मस्त लंड था । यह लंड भी अफ़ज़ल के लौडा जैसा ही लंबा और मोटा था ।
मंजु ————— क्या नाम है तुम्हारा? लौडा बढिया है इसका मतलब यह नहीं कि जो औरत सामने आये उसे दिखा दो । ये काका इस कमरे में दो घंटा से हैं, मेरे बदन की मालिश की , साहब के बदन की मालिश की और अब आधा घंटा से मेरी झॉंट साफ़ कर रहे हैं लेकिन एक बार भी गंदी बात नहीं की और तु मादरचोद पहली झलक मुझे देखा और चोदने की बात कर रहा है। जल्दी से बाहर जा और ठीक डेढ़ बजे जो भी बढिया खाना हो, मछली, दही जो भी हो तीन आदमियों के लिए ले आना । जल्दी जल्दी बाहर जाओ।
नया वेटर - मालकिन , मेरा नाम जतीन हैं , अहमदाबाद का रहने बाला हूँ लेकिन पिछले तीन साल से इसी होटल में हूँ !
जतीन मेरे बग़ल में आकर खड़ा हुआ। बेझिझक दोनों हाथों से मेरी चूचीयों को दबाया, साथ ही चूत को चूमा ।
जतीन————— मालकिन . मैं प्यारे जैसा नामर्द नहीं जो घंटो नंगी औरतों के साथ रहकर भी उसे ना चोदूं ! साहब कुछ भी कहिए, आपकी पत्नी की चूत सबसे प्यारी चूत है। मालकिन. एक बार इस लौडा को अपनी चूत में घुसने दीजिए, चोदने दीजिए, आप बाक़ी सभी मर्दों और लौडा को भूल जायेंगी ।
बहुत हिम्मत थी इस जतीन में । चूत में एक अंगुली पेलता हुए मेरे ओठों को थोड़ी देर चूसा और पैंट ठीक करता हुआ बाहर चला गया ।
मेरी चुत को प्यारे ने गीले कपड़े से साफ़ किया , एक फर्फ्युम लगाया और मेरा हाथ पकड़ चूत पर सहलाया ।
मंजु ———- विनोद देखो, मुझे खुद नहीं विश्वास हो रहा है कि ये मेरी ही चूत है। लग रहा है कि कभी झॉंट उगा ही ना हो ।
विनोद भी मेरी चूत को सहलाने लगा ।
विनोद——— सच प्यारे, तुमने अपनी बेटी की चूत को सच में दुनिया का सबसे प्यारा चूत बना दिया है। रानी , मुझे ही सबसे पहले इस चिकने चूत में लौडा पेलने दो । तुम अपनी बेटी की गॉंड में लौडा पेलो।
मैं यह देख बहुत खुश हुई की दोनों का लौडा पूरा टाईट था ।
प्यारे ———- मालिक लौडा पूरा टाईट है । आप बेड पर लेट जाओ और बेटी जैसे थोड़ी देर पहले साहब को उपर से चोदा था फिर से वैसा ही चोदना शुरु करो ।
दो बार की ज़बरदस्त चुदाई और प्यारे की बातों और हरकतों ने मुझे, एक १८ साल की जवान और खूबसूरत लड़की को ५२-५३ साल के मर्द की दीवानी बना दिया था । कपिल और अफ़ज़ल ही क्या मैं राजीव के साथ गुज़ारी प्यार भरी रात भी भूल गई थी ।
जैसा प्यारे ने कहा मैं ने विनोद को बेड पर दवाया और विनोद के चेहरे की तरफ़ देखते हुए ४ घंटा में तीसरी बार चूत के अंदर लौडा लेने लगी थी ।
प्यारे———-बेटी , पहले ही जैसा खुब दबा दबा कर साहब को चोदो । आज तुम्हें एक नया तरीक़ा सिखाऊँगा । एक बाप बेटी को सिखायेगा कि कोई माल एक साथ कैसे २ लौडा को खुश कर सकती है। इस होटल में हर २-३ महिना पर एक खाश रंडी आती है । उसकी एक घंटा की चुदाई की किमत ५०००/- है। हमने कई बार उसे एक साथ अपने अंदर २-२ लौडा को लेते देखा है। ये जो जतीन आया था बहुत बड़ा चुद्दकर आदमी है। बहुत पैसा लेकर बड़े बड़े घर की औरतों को चोदता है । तुम्हें मुफ़्त में ही चोदने आया था । अगर समय है तो एक बार जतीन से ज़रूर चुदवाना ।
मंजु ——— मैं नहीं मानती कि तुमसे ज़्यादा बढिया कोई भी मुझे खुश कर सकता है । जल्दी से लौडा गॉंड में पेलो । साहब ने कल शाम ही बढ़िया से गॉंड का दरवाज़ा खोल दिया था । पूरी ताक़त से गॉंव में भी धक्का मारना ।
मैं तेज़ी से विनोद के लौडा पर उछल रही थी । प्यारे ने कुछ देर मेरी पीठ को सहलाया । सहलाते सहलाते वह मेरी पीठ को विनोद के उपर दबाता भी गया । अचानक उसने हम दोनों को एक साथ घुमाया । पहले हम बेट की लंबाई की तरफ़ लेटे थे लेकिन प्यारे ने हमें एसा घुमाता कि विनोद का चुत्तर बेड के किनारे आ गया । विनोद का दोनों पैर बेड से नीचे लटक गया ।
प्यारे ने एक हाथ से ताक़त लगाकर मेरे पीठ को विनोद की छाती के उपर दबाया । मुझे अपनी गॉंड के छेद पर सुपारा का फ़ील हुआ ।
और
“ बाप रे मर गई “
राजीव ने रात में आधा घंटा से ज़्यादा लौडा पेला था । लेकिन जब प्यारे का लौडा गॉंड में घुसने लगा तो गॉंड की छेद थोड़ी भी गीली नहीं थी । प्यारे धक्का मारता गया । पाँचवें धक्का में प्यारे का आठ इंच लौडा पूरा अंदर घुस गया और उस समय विनोद का लौडा मुश्किल से ३ इंच ही अंदर था ।
कुछ ही धक्कों के बाद मैं आराम से उपर नीचे दोनों के धक्के का मज़ा लेने गई । क़रीब १५ मिनट ही गुजरा होगा कि रूम में एक आवाज़ गुंजी ।
“ काका , इतना बढ़िया से कमसीन माल का मज़ा ले रहे हो , बढिया लौडा है फिर सबको क्यों नहीं चोदते हो । लेकिन अभी आप लोग ग़लत कर रहे हो । “
यह जतीन था । प्यारे को मेरे उपर से अलग किया । मुझे दगोगे हाथों से पकड़ विनोद के उपर से उठाया । जतीन ने विनोद को फिर लंबाई में सुलाया । जतीन ने खुद मेरी चूत को विनोद के लौडा के उपर दबाया । उसने भी प्यारे जैसा विनोद को खुब तेज़ी से चोदने बोला । ५ मिनट की चुदाई के बाद उसने एक हाथ से मेरी पीठ दवाया और दूसरे हाथ से मेरी चुत्तरों को थोड़ा उपर उठाया । तीन इंच के क़रीब ही लौडा मेरी बूर में रहा । प्यारे फिर गॉंड में लौडा पेलने लगा । क़रीब ५-५ मिनट की डवल चुदाई के बाद जतीन बोला ।
“ आप तीनों एक दूसरे को खुब कस कर पकड़ करवट ले। ध्यान रहे लौडा बाहर नहीं निकालना चाहिए । हम तीनों ने एक दूसरे को कस कर पकड़ा । चूत और गॉंड में एक साथ लौडा अंदर बाहर होता रहा। जतीन ने करवट लेने में मेरी मदद की ।
अब मेरा पति मुझे सामने से पकड़ चूत में लौडा पेल रहा था और प्यारे का लौडा आराम से मेरी गॉंड के अंदर बाहर आ जा रहा था । विनोद दोनों हाथों से मेरा चुत्तरों को दवाये हुए पूरी ताक़त से लौडा चूत में पेल रहा थार प्यारे मेरा पीछे था. हाथ आग बढ़ाकर दोनो चूचियों को मसलते हए पूरा लौडा गॉंड में पेल रहा था । एक साथ आगे पीछे का दोनों छेद लौडा का पूरा मज़ा ले रहा था । मैं सच बहुत ही मज़ा ले रही थी इस दोहरी चूदाई में ।
मंजु ——— जतीन, ऐसा मज़ा पहले कभी नहीं आया , बहुत ही ज़्यादा मज़ा आ रहा है ।
जतीन ——— रानी अभी और मज़ा आयेगा ।
वह मेरे सामने खड़ा हुआ । मेरा जो पैर उपर था उसे पकड़ कर धीरे धीरे उपर उठाने लगा ।
जतीन ——रानी , बदन को पूरा ढीला रखो ।
मुझे इतना मज़ा आ रहा था कि बदन आप से आप पूरा रिलैक्स हो गया था । जतीन ने मेरे एक पैर को जितना हो सकता था बुरा उपर उठा दिया और अब मुझे और भी मज़ा आने लगा । विनोद और मेरे लिए यह पहला मौक़ा था ही प्यारे भी ऐसी चूदाई पहली बार ही कर रहा था , पहली बार ही किसी की गॉंड में लौडा पेल रहा था । १५ मिनट भी नहीं हुआ दोनों एक साथ मेरे अंदर झड़ने लगे । उफ् एक साथ चूत और गॉंड में गर्व गर्व रस गिरने का मज़ा कुछ और ही था ।
२-३ मिनट बाद दोनों ने लौडा बाहर निकाला ।
जतीन ने मेरा बैर छोड़ दिया ।
जतीन——— साहब . आपने मेरी रानी के बूर में रस गिराया है तो बुर को भी आपको ही साफ़ करना पड़ेगा और प्यारे तुम जल्दी से गॉंड साफ़ करो ।
कपिल के बाद अब एक दूसरा आदमी मुझे अपनी रानी कह रहा था और मुझे बढिया भी लगा ।
मुझे बाद में मालूम हुआ कि होटल का मालिक सिर्फ़ बढिया बढिया माल को चोदता है असल मालिक यही जतीन है। मालिक की घरवाली अपने पति के सामने जतीन से चुदवातीं है। प्यारे को यह बात मालूम नहीं थी । वह मेरी गॉंड चाटने लगा और विनोद ने बहुत प्यार से चूत को चूस चाट कर साफ़ किया ।
हम तीनों मस्ती में व्यस्त थे और जतीन हमारे लिए खाना लेकर आया था । जतीन भी नंगा ही था । उसने टेबल पर से एक लाल रंग के शरबत से भरे गिलास को उठाया । मुझे अपने लौडा पर बिठाया । ग्लास से शरबत पिलाने लगा ।
जतीन ——- साहब. हमने और आपकी पत्नी ने जो भी कहा आपने किया इसलिए जाने दे रहा हूँ । लेकिन आप दोनों महामूर्ख है जो इतनी बढ़िया माल को मुफ़्त में बॉंट रहे हैं । ख़ैर जो हो गया सो हो गया । अब इस होटल में मेरे सिवा इस ख़ूबसूरत परी को कोई दूसरा हाथ भी नहीं लगायेगा । मैं ने ५० से ज़्यादा औरतों के साथ इस तरह की चूदाई की मज़ा लिया है लेकिन ऐसी चुदाई सिर्फ़ बहुत चुदवाई हुई औरतें ही करती हैं । यह पहला मौका है कि किसी १७-१८ साल की लड़की को एक साथ २-२ लौडा से मस्ती लेते देखा है । आप जल्दी से खाना खाकर कहीं बाहर जाइए ।
विनोद—— हमें ८ बजे रात की ट्रेन पकड़नी है।
जतीन —- अभी एक ही बजा है , आप सात बजे के बाद ही आइयेगा । तब तक आपकी प्यारी घरवाली मेरी घरवाली बन कर रहेगी । आप खाकर काका को लेकर जल्दी बाहर जाओ ।
जतीन ने मुझे पूरा ग्लास शरबत पिलाया । विनोद और प्यारे ने खाना खाया और जतीन ने दोनों को कमरे से बाहर जाने कहा । विनोद से दुबारा कहा कि वो सात बजा के पहले वापस ना आये ।
विनोद जब सात बजे वापस आया तो उसने देखा कि जतीन नहीं एक ४०-४५ साल का दूसरा आदमी मुझे चोद रहा है और रुम में जतीन नहीं है ।
उन दोनों के बाहर जाते ही जतीन ने डोर को अंदर से लॉक किया । २०-२५ मिनट की ओरल मस्ती के बाद उसने मुझे जो चुदाई की सबसे कॉमन पोज है , मेरे उपर आकर चोदने लगा । मैं यही समझ रही थी प्यारे और राजीव से बढिया कोई और चुदाई नहीं कर सकता । लेकिन मैं ग़लत थी ।
जतीन के पहले ही धक्के से मेरी मुँह से मस्ती की सिसकारी निकलने लगी । हर दूसरे धक्का के बाद सिसकारी का आवाज़ तेज होती गई और बाद में इतने ज़ोर ज़ोर से मस्ती की आवाज़ निकालने लगे कि दरवाज़ा बंद होने के बाद भी बाहर बालों को मेरी सिसकारी साफ़ साफ़ सुनाई देती होगी । जतीन ने प्यारे या राजीव जैसा लंबी चूदाई नहीं की लेकिन जब उसने २४-२५ मिनट के बाद मेरी चूत में पानी गिरा कर लौडा बाहर खींचा तो मुझे लगा कि मैं उठ भी नहीं पाऊँगी । जितनी संतुष्ट मैं जतीन की चुदाई के बाद हुई थी वैसी संतुष्टि पहले कभी नहीं मिली थी ।
जतीन के उपर लेट कर , उसने नहीं पूछा फिर भी मैं ने अपनी शादी से लेकर तब तक की सारी बात सुनाई ।
जतीन———तुम्हारा घरवाला कोई वैसा अकेला आदमी नहीं जो अपने घर की औरतों को दूसरे से चुदवा कर खुश होता है। हमारे मालिक कडेडपति है । हर हफ़्ते अपनी माल बदलते हैं लेकिन हर रात अपनी घर की किसी ना किसी औरत को अपने सामने मुझसे चुदवाते हैं । मालिक की मॉं से लेकर उनकी दोनो बहनो, घरवाली के साथ साथ अपनी दोनो बेटियों की कुँवारी चूत को अपने सामने मुझसे ही फडवाया है । रानी , अक्सर दोनों मॉं बेटी को अग़ल बग़ल लिटा कर चोदता हूँ लेकिन तुमसे बढिया और सुंदर माल मैं ने पहले कभी नहीं देखी । रानी , तुम सिर्फ़ देखने में ही नहीं चुदाई में भी सबसे बढिया हो । तुम ने बेकार में अपनी जवानी मुफ़्त में बॉंटी ।
जतीन ने अगले १५-२० मिनट मुझे ज्ञान दिया । मेरी खुबसूरती और जवानी की किमत समझाई । आख़िर में उसने मुझसे वादा लिया कि जैसा हमारा प्लान है हम रात में चले जायेंगें लेकिन अगले हफ़्ते शनिवार की सुबह रॉंची आयेंगे और यहॉं होटल में नहीं उसके मालिक के घर मेहमान रहेंगे ।
एक चूदाई के बाद ही मुझे जतीन से प्यार , बहुत प्यार हो गया था । मैं उसके लिए कुछ भी करने को तैयार थी । जतीन ने बताया कि वह ३२ साल का है , शादी हो गई है । बीबी साथ ही रहती है । उसे मालूम है कि उसका घरवाला मालिक के घर की सभी औरतों को चोदने के अलावा दूसरा रंडियों को भी चोदता है। शादी के ८ साल हो गये हैं , कोई बच्चा नहीं है लेकिन उसने पति के अलावा किसी और से नहीं चुदवाया है ।
अपनी कहानी सुनाकर जतीन ने मुझसे नहाने कहा । यह कहकर चला गया कि बह जल्दी वापस आयेगा । तुम खाना खा कर नहा लो , मैं थोड़ी देर में आता हूँ ।
पिछले दिन की प्यारे से चुदवाने से शुरु कर कपिल. राजीव, अफ़ज़ल के बाद ये जतीन २ दिन में पॉंचवा लौडा था । मुझे इसका कोई दुख या ग्लानि नहीं था कि मैं ने दूसरों से क्यों चुदवाया । अब विनोद के बदले कोई और राजीव या जतीन ही मुझे अपनी घरबाली बना लें मैं दूसरों से चुदवाते रहना चाहती थी । मैं यही सब सोचकर खाना खाती रही । खाने के बाद नहाने गई । पूरे बदन को रगड़ रगड़ कर खुब नहाया और तौलिया से बदन को पोंछकर नंगी ही बाहर आई ।
सिर्फ़ जतीन ही नहीं , कमरे में एक ४०-४२ साल का सेठ बैठा था ।
सेठ ——- वाह क्या माल है जतीन , देखकर ही दिल ख़ुश हो गया ।
सेठ ने एक मोटा लिफ़ाफ़ा जतीन के दिया । जतीन ने उसे मेरे सामने अलमारी खोल उसमें रखा ।
जतीन —— सेठ यह माल एक घंटा के लिए तुम्हारी है ।
जतीन के जाते ही वह सेठ मेरे उपर टूट पड़ा । जितना संभव था मैं ने भी रिस्पॉंन दिया । उसने बूर को खुब मसला और मैं ने लौडा चूसा । सेठ था । पेट बाहर की ओर निकल गया था । लौडा भी ५ इंच के आस पास ही था । एक राउंड की १५-१६ मिनट की चूदाई के बाद उसने फिर लौडा चुसवाया ।
जतीन रुम में आये और सेठ से कहा कि २ मिनट ही समय है , अगला कस्टोमर आने ही बाला है। हर घंटा कस्टोमर बदलता गया । सभी जतीन को मोटा लिफ़ाफ़ा देता था थे जिसे वो अलमारी में रख देता था । ७ बजे के कुछ ही देर बाद जब विनोद कमरे में घुसा तो जतीन के बाद पॉंचवा आदमी का लौडा मेरी चूत के अंदर था । विनोद किनारे बैठ हमारी चुदाई देखने लगा । कुछ ही देर बाद जतीन भी आ गया । वो भी विनोद के साथ बैठ हमारी चुदाई देखता रहा । कुछ ही देर बाद वह झड़ गया । अपने कपड़े पहनते हुए वो बोला ,
“ साहब , आपके घरवाली की चूत सबसे प्यारी है । “
कस्टोमर के जाने के बाद जतीन ने विनोद को भी मनाया कि वो मुझे लेकर अगली शनिवार को रॉंची वापस आयेगा और अगली रात वापस चला जायेगा । जतीन ने ऐसा ऑफ़र दिया कि विनोद तुरंत मान गया । जतीन ने हमें तैयार होने कहा और आधा घंटा बाद हमारे लिए बढिया वास्ता लेकर आया । साथ ही यह भी कहा कि हम यहाँ जब भी चाहें आये , यहॉं रहना , खाना पीना सब मुफ़्त में होगा । जाते समय हमने दोनो कपिल और अफ़ज़ल को देखा । मैं उन्हें भुल चुकी थी । जतीन ने हमें स्टेशन पहुँचाया । ट्रेन समय पर आई । हम अगली सुबह अपने घर आ गये ।
मैंने दो दिनों में १० नये आदमियों से चुदवाया । मेरे पति विनोद ने २ नई माल को चोदा ।
विनोद जब मुझे देखने आय था तभी मुझे बहुत पसंद आ गया था । ससुराल आई तो विनोद से ज़्यादा मुझे उसके बाबू जी “विजेंद्र बहुत पसंद आ गये । उन्हें पटाने की कोशिश करती या चुदवाती हम तीन चर दिन के लिए मैं विनोद के साथ राँची आ गई । विनोद ने मेरी चूत फाड़ी, लड़की से औरत बनाया , तीन बार चोद। . सच कहीं ही बहुत ही बढ़िया लगा था । लेकिन जब होटल के एक कमरे में प्यारे ने चोदा तो बहुत ही ज़्यादा ही बढ़िया लगा । प्यारे की लंबी और मस्त चुदाई ने मंजु को सिर्फ़ शारीरिक और मानसिक सुख ही नहीं दिया , स्त्री और पुरुष के रिश्ते को देखने का नज़रिया ही बदल दिया । बाद में जब विनोद ने अपने सामने मंजु के ही उम्र के एक वेटर से चुदवाया तो उसे वो कपिल ही मंजु को अपना घरवाला लगने लगा । कपिल की चुदाई से वह इतनी खुश हुई कि खुद ही विनोद से गॉंड मरवाया । कपिल से कहा कि विनोद को रात भर किसी दूसरी रंडी के पास भेज कर कपिल पूरी रात उसे चोदे । सिनेमा देखते समय एक अनजान आदमी के साथ पूरी बेशर्म होकर मस्ती मारी । रात में कपिल से आ बार चुदवा कर उस अनजान आदमी से भी चुदवाया । सुबह एक नये वेटर के साथ विनोद के सामने चुदवाया । जैसा मंजु ने कहा था प्यारे अपने समय पर कमरे में आ गया । मंजु बहुत ही खुश थी । आपने पढ़ा कि विनोद की मालिश करने के बाद प्यारे ने मुझे चोदा । अपनी चूत से निकले प्यारे के लौडा को मैंने विनोद से चुसवाया । विनोद ने ख़ुशी ख़ुशी मेरे सामने प्यारे के लौडा को चूसा और चाटा । बाद में उसने कहा कि प्यारे जैसा ज़्यादा देर तक और पूरी ताक़त से जो भी मुझे चोदेगा वह सबका लौडा तुलेगा और उन सबका लौडा का रस भी पियेगा ।
मैं सोच रही थी कि अपनी चूत से निकले लौडा को विनोद से चुसवा कर उसकी बेइज़्ज़ती करुंगी लेकिन विनोद खुद सबका लौडा चूसने को तैयार था । और अचानक विनोद ने प्यारे से उसका ( विनोद) का लौडा चूसने को कहा ।
विनोद—— काका , तुमने कहा था कि मेरी पत्नी को नंगा देखोगे तो मैं जो भी कहूँगा तुम सब करोगे , मेरा लौडा चूसोगे । अब अगर तुम अपनी इस बेटी की नंगी जवानी से फिर खेलना चाहते हो तो तुम मेरा लौडा चूसो और तब तक चूसतेरहो जब तक यह पुरा टाईट न हो जाए । और मंजु तुम भी दिखाओ कि तुम कैसे लौडा चूसती हो । तुम प्यारे का लौडा चूसो और प्यारे मेरा लंड चूस कर टाईट करेगा ।
विनोद की आवाज़ में मैं ने इतना लड़कपन पहले नहीं सुना था । २ मिनट में और प्यारे वैसे ही बैठे रहे ।
अब आगे ——
मंजु -
मुझे प्यार करते रहने के लिए प्यारे कुछ भी करने को तैयार था । जैसा विनोद ने कहा था प्यारे ने क़रीब २० मिनट विनोद का लंड चूसा और लौडा फनफनाते लगा । मेरे मुँह में प्यारे का लंड था जो १०-१२ मिनट में ही पत्थर जैसा कड़क हो गया था ।
विनोद——— प्यारे , अभी १२ ही बजा है , हमारे पास एक- डेढ़ घंटा समय है । पहले अपनी मंजु बेटी की झॉंट साफ़ कर दो उसके बाद तुम एक बार इसकी , अपनी बेटी की गॉंड का भी मज़ा लेना । मैंने पिछली शाम काफ़ी देर तक इस प्यारी रंडी की गॉंड मारी थी ।
विनोद अब हमारी बात सुन नहीं रहा था बल्कि वो अब हमें आर्डर दे रहा था । विनोद के बात मानने के अलावा मेरे पास कोई और रास्ता नहीं था । ख़ासकर मैं नहीं चाहती थी कि मेरी किसी बात से विनोद मुझे नये नये मर्दों से चुदवाना बंद करा दें। दो दिन में एक से एक बढिया लंड, मस्त चुदाई की मस्ती को में खोना नहीं चाहती थी । प्यारे. कपिल, राजीव और अफ़ज़ल के बाद मुझे कोई और नया मर्द, उसका लौडा और चूदाई चाहिए थी ।
मैं प्यारे के गोद में ही थी । विनोद ने पाजामा और कुर्ता पहना । एक हाथ से मेरी चूत और दूसरे हाथ से प्यारे के लंड को दवाया ।
विनोद———-तुम दोनों इतनी लंबी चुदाई कर थक गये होंगे । रानी तुम झॉंट साफ़ करवाओ, मैं कुछ खाने पीने का बोल कर आता हूँ । कोई भी वेटर आये, दोनों ऐसे ही नंगा रहना , झॉंट साफ़ करते रहना ।
दरवाज़ा पूरा खुला छोड़ विनोद बाहर चला गया ।
प्यारे ने दरवाज़ा को बंद किया । कुछ हेर मेरी चूचियों और ओठों को चूसा ।
प्यारे—— रानी बेटी , तैयार रहो , तुम्हारा पति तुम्हें हर रोज़ नया नया आदमियों के सामने नंगा करेगा ।
मंजु ———- दूसरा कोई मुझे नंगा देखे या ना देखो तुम मुझे रोज़ ऐसे ही प्यार करते रहो । जैसा उसने कहा , आज ही अपनी बहु को इस हरामी से चुदवा दो और जल्दी से मेरे ससुराल आ जाओ। इस नामर्द के सामने इसकी दोनो खुबसूरत जवान बहनों और इसकी ४०-४१ साल की मस्त मॉं को तुमसे चुदवाऊँगी और हर रात तुम्हारी बाँहों में सोउंगी । जल्दी से झॉंट साफ़ करो और मेरी गॉंड को भी अपने मस्त लौडा का मज़ा दो ।
प्यारे झॉंट साफ़ करने में जुट गया । प्यारे चुत पर दूसरी बार क्रीम लगा रहा था कि एक नये वेटर को साथ लेकर बिना दरवाज़ा पर नॉक किये विनोद अंदर घुसा ।
एक नये आदमी ने मुझे नंगा देखा वो भी एक दूसरे आदमी के साथ । हम दोनों के नंगा देख वो आदमी ज़रूर समझ गया होगा कि हमने चुदाई की है।
नया वेटर —- प्यारे काका , दुनिया में आप शायद अकेले आदमी मी हो जो औरत के पूरे बदन की की मालिश करते हो, झॉंट साफ़ करते हो फिर भी उसे चोदते नहीं । मैं तो समझता था कि आप नामर्द हो लेकिन आपका लौडा देखकर ऐसा लगता नहीं । बहुत ही मस्त लौडा है आपका । और मैं ने इससे पहले कभी कहीं इतनी खुबसूरत औरत नहीं देखी । अभी साहब १५-२० मिनट नीचे थे । आपकी जगह कोई भी दूसरा होता , मैं होता तो जवरदस्ती भी इस मस्त माल को चोद लेता । आप नंगे हो . कितनी देर से मस्त बूर पर आपका हाथ है फिर भी लौडा को आपने कंट्रोल में रखा है और मेरी हालत देखिये ।
हम देखते रहे और एक मिनट के अंदर उसका पैंट और अंडरवियर नीचे था । मेरी आॉंखों के सामने एक नया मस्त लंड था । यह लंड भी अफ़ज़ल के लौडा जैसा ही लंबा और मोटा था ।
मंजु ————— क्या नाम है तुम्हारा? लौडा बढिया है इसका मतलब यह नहीं कि जो औरत सामने आये उसे दिखा दो । ये काका इस कमरे में दो घंटा से हैं, मेरे बदन की मालिश की , साहब के बदन की मालिश की और अब आधा घंटा से मेरी झॉंट साफ़ कर रहे हैं लेकिन एक बार भी गंदी बात नहीं की और तु मादरचोद पहली झलक मुझे देखा और चोदने की बात कर रहा है। जल्दी से बाहर जा और ठीक डेढ़ बजे जो भी बढिया खाना हो, मछली, दही जो भी हो तीन आदमियों के लिए ले आना । जल्दी जल्दी बाहर जाओ।
नया वेटर - मालकिन , मेरा नाम जतीन हैं , अहमदाबाद का रहने बाला हूँ लेकिन पिछले तीन साल से इसी होटल में हूँ !
जतीन मेरे बग़ल में आकर खड़ा हुआ। बेझिझक दोनों हाथों से मेरी चूचीयों को दबाया, साथ ही चूत को चूमा ।
जतीन————— मालकिन . मैं प्यारे जैसा नामर्द नहीं जो घंटो नंगी औरतों के साथ रहकर भी उसे ना चोदूं ! साहब कुछ भी कहिए, आपकी पत्नी की चूत सबसे प्यारी चूत है। मालकिन. एक बार इस लौडा को अपनी चूत में घुसने दीजिए, चोदने दीजिए, आप बाक़ी सभी मर्दों और लौडा को भूल जायेंगी ।
बहुत हिम्मत थी इस जतीन में । चूत में एक अंगुली पेलता हुए मेरे ओठों को थोड़ी देर चूसा और पैंट ठीक करता हुआ बाहर चला गया ।
मेरी चुत को प्यारे ने गीले कपड़े से साफ़ किया , एक फर्फ्युम लगाया और मेरा हाथ पकड़ चूत पर सहलाया ।
मंजु ———- विनोद देखो, मुझे खुद नहीं विश्वास हो रहा है कि ये मेरी ही चूत है। लग रहा है कि कभी झॉंट उगा ही ना हो ।
विनोद भी मेरी चूत को सहलाने लगा ।
विनोद——— सच प्यारे, तुमने अपनी बेटी की चूत को सच में दुनिया का सबसे प्यारा चूत बना दिया है। रानी , मुझे ही सबसे पहले इस चिकने चूत में लौडा पेलने दो । तुम अपनी बेटी की गॉंड में लौडा पेलो।
मैं यह देख बहुत खुश हुई की दोनों का लौडा पूरा टाईट था ।
प्यारे ———- मालिक लौडा पूरा टाईट है । आप बेड पर लेट जाओ और बेटी जैसे थोड़ी देर पहले साहब को उपर से चोदा था फिर से वैसा ही चोदना शुरु करो ।
दो बार की ज़बरदस्त चुदाई और प्यारे की बातों और हरकतों ने मुझे, एक १८ साल की जवान और खूबसूरत लड़की को ५२-५३ साल के मर्द की दीवानी बना दिया था । कपिल और अफ़ज़ल ही क्या मैं राजीव के साथ गुज़ारी प्यार भरी रात भी भूल गई थी ।
जैसा प्यारे ने कहा मैं ने विनोद को बेड पर दवाया और विनोद के चेहरे की तरफ़ देखते हुए ४ घंटा में तीसरी बार चूत के अंदर लौडा लेने लगी थी ।
प्यारे———-बेटी , पहले ही जैसा खुब दबा दबा कर साहब को चोदो । आज तुम्हें एक नया तरीक़ा सिखाऊँगा । एक बाप बेटी को सिखायेगा कि कोई माल एक साथ कैसे २ लौडा को खुश कर सकती है। इस होटल में हर २-३ महिना पर एक खाश रंडी आती है । उसकी एक घंटा की चुदाई की किमत ५०००/- है। हमने कई बार उसे एक साथ अपने अंदर २-२ लौडा को लेते देखा है। ये जो जतीन आया था बहुत बड़ा चुद्दकर आदमी है। बहुत पैसा लेकर बड़े बड़े घर की औरतों को चोदता है । तुम्हें मुफ़्त में ही चोदने आया था । अगर समय है तो एक बार जतीन से ज़रूर चुदवाना ।
मंजु ——— मैं नहीं मानती कि तुमसे ज़्यादा बढिया कोई भी मुझे खुश कर सकता है । जल्दी से लौडा गॉंड में पेलो । साहब ने कल शाम ही बढ़िया से गॉंड का दरवाज़ा खोल दिया था । पूरी ताक़त से गॉंव में भी धक्का मारना ।
मैं तेज़ी से विनोद के लौडा पर उछल रही थी । प्यारे ने कुछ देर मेरी पीठ को सहलाया । सहलाते सहलाते वह मेरी पीठ को विनोद के उपर दबाता भी गया । अचानक उसने हम दोनों को एक साथ घुमाया । पहले हम बेट की लंबाई की तरफ़ लेटे थे लेकिन प्यारे ने हमें एसा घुमाता कि विनोद का चुत्तर बेड के किनारे आ गया । विनोद का दोनों पैर बेड से नीचे लटक गया ।
प्यारे ने एक हाथ से ताक़त लगाकर मेरे पीठ को विनोद की छाती के उपर दबाया । मुझे अपनी गॉंड के छेद पर सुपारा का फ़ील हुआ ।
और
“ बाप रे मर गई “
राजीव ने रात में आधा घंटा से ज़्यादा लौडा पेला था । लेकिन जब प्यारे का लौडा गॉंड में घुसने लगा तो गॉंड की छेद थोड़ी भी गीली नहीं थी । प्यारे धक्का मारता गया । पाँचवें धक्का में प्यारे का आठ इंच लौडा पूरा अंदर घुस गया और उस समय विनोद का लौडा मुश्किल से ३ इंच ही अंदर था ।
कुछ ही धक्कों के बाद मैं आराम से उपर नीचे दोनों के धक्के का मज़ा लेने गई । क़रीब १५ मिनट ही गुजरा होगा कि रूम में एक आवाज़ गुंजी ।
“ काका , इतना बढ़िया से कमसीन माल का मज़ा ले रहे हो , बढिया लौडा है फिर सबको क्यों नहीं चोदते हो । लेकिन अभी आप लोग ग़लत कर रहे हो । “
यह जतीन था । प्यारे को मेरे उपर से अलग किया । मुझे दगोगे हाथों से पकड़ विनोद के उपर से उठाया । जतीन ने विनोद को फिर लंबाई में सुलाया । जतीन ने खुद मेरी चूत को विनोद के लौडा के उपर दबाया । उसने भी प्यारे जैसा विनोद को खुब तेज़ी से चोदने बोला । ५ मिनट की चुदाई के बाद उसने एक हाथ से मेरी पीठ दवाया और दूसरे हाथ से मेरी चुत्तरों को थोड़ा उपर उठाया । तीन इंच के क़रीब ही लौडा मेरी बूर में रहा । प्यारे फिर गॉंड में लौडा पेलने लगा । क़रीब ५-५ मिनट की डवल चुदाई के बाद जतीन बोला ।
“ आप तीनों एक दूसरे को खुब कस कर पकड़ करवट ले। ध्यान रहे लौडा बाहर नहीं निकालना चाहिए । हम तीनों ने एक दूसरे को कस कर पकड़ा । चूत और गॉंड में एक साथ लौडा अंदर बाहर होता रहा। जतीन ने करवट लेने में मेरी मदद की ।
अब मेरा पति मुझे सामने से पकड़ चूत में लौडा पेल रहा था और प्यारे का लौडा आराम से मेरी गॉंड के अंदर बाहर आ जा रहा था । विनोद दोनों हाथों से मेरा चुत्तरों को दवाये हुए पूरी ताक़त से लौडा चूत में पेल रहा थार प्यारे मेरा पीछे था. हाथ आग बढ़ाकर दोनो चूचियों को मसलते हए पूरा लौडा गॉंड में पेल रहा था । एक साथ आगे पीछे का दोनों छेद लौडा का पूरा मज़ा ले रहा था । मैं सच बहुत ही मज़ा ले रही थी इस दोहरी चूदाई में ।
मंजु ——— जतीन, ऐसा मज़ा पहले कभी नहीं आया , बहुत ही ज़्यादा मज़ा आ रहा है ।
जतीन ——— रानी अभी और मज़ा आयेगा ।
वह मेरे सामने खड़ा हुआ । मेरा जो पैर उपर था उसे पकड़ कर धीरे धीरे उपर उठाने लगा ।
जतीन ——रानी , बदन को पूरा ढीला रखो ।
मुझे इतना मज़ा आ रहा था कि बदन आप से आप पूरा रिलैक्स हो गया था । जतीन ने मेरे एक पैर को जितना हो सकता था बुरा उपर उठा दिया और अब मुझे और भी मज़ा आने लगा । विनोद और मेरे लिए यह पहला मौक़ा था ही प्यारे भी ऐसी चूदाई पहली बार ही कर रहा था , पहली बार ही किसी की गॉंड में लौडा पेल रहा था । १५ मिनट भी नहीं हुआ दोनों एक साथ मेरे अंदर झड़ने लगे । उफ् एक साथ चूत और गॉंड में गर्व गर्व रस गिरने का मज़ा कुछ और ही था ।
२-३ मिनट बाद दोनों ने लौडा बाहर निकाला ।
जतीन ने मेरा बैर छोड़ दिया ।
जतीन——— साहब . आपने मेरी रानी के बूर में रस गिराया है तो बुर को भी आपको ही साफ़ करना पड़ेगा और प्यारे तुम जल्दी से गॉंड साफ़ करो ।
कपिल के बाद अब एक दूसरा आदमी मुझे अपनी रानी कह रहा था और मुझे बढिया भी लगा ।
मुझे बाद में मालूम हुआ कि होटल का मालिक सिर्फ़ बढिया बढिया माल को चोदता है असल मालिक यही जतीन है। मालिक की घरवाली अपने पति के सामने जतीन से चुदवातीं है। प्यारे को यह बात मालूम नहीं थी । वह मेरी गॉंड चाटने लगा और विनोद ने बहुत प्यार से चूत को चूस चाट कर साफ़ किया ।
हम तीनों मस्ती में व्यस्त थे और जतीन हमारे लिए खाना लेकर आया था । जतीन भी नंगा ही था । उसने टेबल पर से एक लाल रंग के शरबत से भरे गिलास को उठाया । मुझे अपने लौडा पर बिठाया । ग्लास से शरबत पिलाने लगा ।
जतीन ——- साहब. हमने और आपकी पत्नी ने जो भी कहा आपने किया इसलिए जाने दे रहा हूँ । लेकिन आप दोनों महामूर्ख है जो इतनी बढ़िया माल को मुफ़्त में बॉंट रहे हैं । ख़ैर जो हो गया सो हो गया । अब इस होटल में मेरे सिवा इस ख़ूबसूरत परी को कोई दूसरा हाथ भी नहीं लगायेगा । मैं ने ५० से ज़्यादा औरतों के साथ इस तरह की चूदाई की मज़ा लिया है लेकिन ऐसी चुदाई सिर्फ़ बहुत चुदवाई हुई औरतें ही करती हैं । यह पहला मौका है कि किसी १७-१८ साल की लड़की को एक साथ २-२ लौडा से मस्ती लेते देखा है । आप जल्दी से खाना खाकर कहीं बाहर जाइए ।
विनोद—— हमें ८ बजे रात की ट्रेन पकड़नी है।
जतीन —- अभी एक ही बजा है , आप सात बजे के बाद ही आइयेगा । तब तक आपकी प्यारी घरवाली मेरी घरवाली बन कर रहेगी । आप खाकर काका को लेकर जल्दी बाहर जाओ ।
जतीन ने मुझे पूरा ग्लास शरबत पिलाया । विनोद और प्यारे ने खाना खाया और जतीन ने दोनों को कमरे से बाहर जाने कहा । विनोद से दुबारा कहा कि वो सात बजा के पहले वापस ना आये ।
विनोद जब सात बजे वापस आया तो उसने देखा कि जतीन नहीं एक ४०-४५ साल का दूसरा आदमी मुझे चोद रहा है और रुम में जतीन नहीं है ।
उन दोनों के बाहर जाते ही जतीन ने डोर को अंदर से लॉक किया । २०-२५ मिनट की ओरल मस्ती के बाद उसने मुझे जो चुदाई की सबसे कॉमन पोज है , मेरे उपर आकर चोदने लगा । मैं यही समझ रही थी प्यारे और राजीव से बढिया कोई और चुदाई नहीं कर सकता । लेकिन मैं ग़लत थी ।
जतीन के पहले ही धक्के से मेरी मुँह से मस्ती की सिसकारी निकलने लगी । हर दूसरे धक्का के बाद सिसकारी का आवाज़ तेज होती गई और बाद में इतने ज़ोर ज़ोर से मस्ती की आवाज़ निकालने लगे कि दरवाज़ा बंद होने के बाद भी बाहर बालों को मेरी सिसकारी साफ़ साफ़ सुनाई देती होगी । जतीन ने प्यारे या राजीव जैसा लंबी चूदाई नहीं की लेकिन जब उसने २४-२५ मिनट के बाद मेरी चूत में पानी गिरा कर लौडा बाहर खींचा तो मुझे लगा कि मैं उठ भी नहीं पाऊँगी । जितनी संतुष्ट मैं जतीन की चुदाई के बाद हुई थी वैसी संतुष्टि पहले कभी नहीं मिली थी ।
जतीन के उपर लेट कर , उसने नहीं पूछा फिर भी मैं ने अपनी शादी से लेकर तब तक की सारी बात सुनाई ।
जतीन———तुम्हारा घरवाला कोई वैसा अकेला आदमी नहीं जो अपने घर की औरतों को दूसरे से चुदवा कर खुश होता है। हमारे मालिक कडेडपति है । हर हफ़्ते अपनी माल बदलते हैं लेकिन हर रात अपनी घर की किसी ना किसी औरत को अपने सामने मुझसे चुदवाते हैं । मालिक की मॉं से लेकर उनकी दोनो बहनो, घरवाली के साथ साथ अपनी दोनो बेटियों की कुँवारी चूत को अपने सामने मुझसे ही फडवाया है । रानी , अक्सर दोनों मॉं बेटी को अग़ल बग़ल लिटा कर चोदता हूँ लेकिन तुमसे बढिया और सुंदर माल मैं ने पहले कभी नहीं देखी । रानी , तुम सिर्फ़ देखने में ही नहीं चुदाई में भी सबसे बढिया हो । तुम ने बेकार में अपनी जवानी मुफ़्त में बॉंटी ।
जतीन ने अगले १५-२० मिनट मुझे ज्ञान दिया । मेरी खुबसूरती और जवानी की किमत समझाई । आख़िर में उसने मुझसे वादा लिया कि जैसा हमारा प्लान है हम रात में चले जायेंगें लेकिन अगले हफ़्ते शनिवार की सुबह रॉंची आयेंगे और यहॉं होटल में नहीं उसके मालिक के घर मेहमान रहेंगे ।
एक चूदाई के बाद ही मुझे जतीन से प्यार , बहुत प्यार हो गया था । मैं उसके लिए कुछ भी करने को तैयार थी । जतीन ने बताया कि वह ३२ साल का है , शादी हो गई है । बीबी साथ ही रहती है । उसे मालूम है कि उसका घरवाला मालिक के घर की सभी औरतों को चोदने के अलावा दूसरा रंडियों को भी चोदता है। शादी के ८ साल हो गये हैं , कोई बच्चा नहीं है लेकिन उसने पति के अलावा किसी और से नहीं चुदवाया है ।
अपनी कहानी सुनाकर जतीन ने मुझसे नहाने कहा । यह कहकर चला गया कि बह जल्दी वापस आयेगा । तुम खाना खा कर नहा लो , मैं थोड़ी देर में आता हूँ ।
पिछले दिन की प्यारे से चुदवाने से शुरु कर कपिल. राजीव, अफ़ज़ल के बाद ये जतीन २ दिन में पॉंचवा लौडा था । मुझे इसका कोई दुख या ग्लानि नहीं था कि मैं ने दूसरों से क्यों चुदवाया । अब विनोद के बदले कोई और राजीव या जतीन ही मुझे अपनी घरबाली बना लें मैं दूसरों से चुदवाते रहना चाहती थी । मैं यही सब सोचकर खाना खाती रही । खाने के बाद नहाने गई । पूरे बदन को रगड़ रगड़ कर खुब नहाया और तौलिया से बदन को पोंछकर नंगी ही बाहर आई ।
सिर्फ़ जतीन ही नहीं , कमरे में एक ४०-४२ साल का सेठ बैठा था ।
सेठ ——- वाह क्या माल है जतीन , देखकर ही दिल ख़ुश हो गया ।
सेठ ने एक मोटा लिफ़ाफ़ा जतीन के दिया । जतीन ने उसे मेरे सामने अलमारी खोल उसमें रखा ।
जतीन —— सेठ यह माल एक घंटा के लिए तुम्हारी है ।
जतीन के जाते ही वह सेठ मेरे उपर टूट पड़ा । जितना संभव था मैं ने भी रिस्पॉंन दिया । उसने बूर को खुब मसला और मैं ने लौडा चूसा । सेठ था । पेट बाहर की ओर निकल गया था । लौडा भी ५ इंच के आस पास ही था । एक राउंड की १५-१६ मिनट की चूदाई के बाद उसने फिर लौडा चुसवाया ।
जतीन रुम में आये और सेठ से कहा कि २ मिनट ही समय है , अगला कस्टोमर आने ही बाला है। हर घंटा कस्टोमर बदलता गया । सभी जतीन को मोटा लिफ़ाफ़ा देता था थे जिसे वो अलमारी में रख देता था । ७ बजे के कुछ ही देर बाद जब विनोद कमरे में घुसा तो जतीन के बाद पॉंचवा आदमी का लौडा मेरी चूत के अंदर था । विनोद किनारे बैठ हमारी चुदाई देखने लगा । कुछ ही देर बाद जतीन भी आ गया । वो भी विनोद के साथ बैठ हमारी चुदाई देखता रहा । कुछ ही देर बाद वह झड़ गया । अपने कपड़े पहनते हुए वो बोला ,
“ साहब , आपके घरवाली की चूत सबसे प्यारी है । “
कस्टोमर के जाने के बाद जतीन ने विनोद को भी मनाया कि वो मुझे लेकर अगली शनिवार को रॉंची वापस आयेगा और अगली रात वापस चला जायेगा । जतीन ने ऐसा ऑफ़र दिया कि विनोद तुरंत मान गया । जतीन ने हमें तैयार होने कहा और आधा घंटा बाद हमारे लिए बढिया वास्ता लेकर आया । साथ ही यह भी कहा कि हम यहाँ जब भी चाहें आये , यहॉं रहना , खाना पीना सब मुफ़्त में होगा । जाते समय हमने दोनो कपिल और अफ़ज़ल को देखा । मैं उन्हें भुल चुकी थी । जतीन ने हमें स्टेशन पहुँचाया । ट्रेन समय पर आई । हम अगली सुबह अपने घर आ गये ।
मैंने दो दिनों में १० नये आदमियों से चुदवाया । मेरे पति विनोद ने २ नई माल को चोदा ।